Edited By Swati Sharma, Updated: 05 Feb, 2024 02:10 PM

नीतीश सरकार (Nitish government) का 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट होना है, लेकिन इससे पहले कांग्रेस (Congress) को झारखंड के बाद अब बिहार में भी खतरा महसूस होने लगा है। झारखंड के बाद अब बिहार के कांग्रेस विधायक भी हैदराबाद पहुंच गए हैं। कांग्रेस को बिहार...
पटना(अभिषेक कुमार सिंह): नीतीश सरकार (Nitish government) का 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट होना है, लेकिन इससे पहले कांग्रेस (Congress) को झारखंड के बाद अब बिहार में भी खतरा महसूस होने लगा है। झारखंड के बाद अब बिहार के कांग्रेस विधायक भी हैदराबाद पहुंच गए हैं। कांग्रेस को बिहार में विधायकों को खोने का डर सता रहा है। ऐसे में पार्टी ने अपने 16 विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट कर दिया है। कांग्रेस विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट किए जाने पर भाजपा ने तंज किया है।
"कांग्रेस पार्टी को अपने ही विधायकों पर विश्वास नहीं"
भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपने ही माननीय विधायकों पर विश्वास नहीं है। कांग्रेस पार्टी अपने राजनीतिक साथियों को बंधुआ मजदूरों की तरह मानती है। अपने माननीय विधायकों पर विश्वास ना करते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों को राजनीतिक रूप से बंधक की तरह हैदराबाद में रख रखा है। एनडीए बिहार में बहुमत सिद्ध करेगा क्योंकि बहुमत एनडीए के साथ है। बेहतर होगा कांग्रेस अपने राजनीतिक साथियों को इज्जत देना सीखे उन पर विश्वास करना सीखें। वही इस मामले पर जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि कांग्रेस विधायक किस हाल और प्रस्थिति में हैं, इसका बेहतर जवाब कांग्रेस पार्टी देगी। हमारे नेता नीतीश कुमार को पसंद करने वाले लोग अलग-अलग दल में हैं और समय-समय पर हमारे दल में शामिल होते रहते हैं। इसमें बड़ी बात नहीं है कि ठगबंधन को छोड़कर कुछ कांग्रेस के विधायक हमारे कुनबे में शामिल हो जाए।
बता दें कि बिहार में नीतीश कुमार को 12 फरवरी को विधानसभा में बहुमत साबित करना है, लेकिन इस शक्ति परीक्षण से पहले बिहार कांग्रेस के विधायक हैदराबाद के लिए रवाना हो गए है। विधायकों के टूटने की आशंका के चलते उन्हें हैदराबाद भेजा गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि फ्लोर टेस्ट में बिहार की राजनीति का परिदृश्य क्या होता है ।