Edited By Ramanjot, Updated: 13 Aug, 2026 11:01 AM

आरोपियों में अग्रवाल, बालियान, राणा, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अशोक कटारिया, BJP के पूर्व सांसद भरतेंदु सिंह और सोहनवीर सिंह, BJP के पूर्व विधायक अशोक कंसल और उमेश मलिक, VHP नेता साध्वी प्राची और डासना शिव मंदिर के नरसिंहानंद वगैरह शामिल...
मुजफ्फरनगर: एक स्पेशल MP-MLA कोर्ट ने सरकारी वकील को 25 BJP नेताओं और हिंदू कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस वापस लेने की मंजूरी दे दी है। इन नेताओं में उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और राज्य के पूर्व मंत्री सुरेश राणा शामिल हैं। यह मामला 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़ा है।
सरकारी वकील राहुल सिंह ने बताया कि एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट/MP-MLA कोर्ट के जज देवेंद्र कुमार फौजदार ने बुधवार को केस वापस लेने के लिए सरकारी वकील की अर्जी मंजूर कर ली। सिंह ने गुरुवार को बताया कि आरोपियों पर निषेधाज्ञा (prohibitory orders) का उल्लंघन करने, सरकारी कर्मचारियों को उनके काम में बाधा डालने और 31 जुलाई 2013 को जिले के नगला मडोर में हुई महापंचायत में भाषणों के जरिए सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप था।
यह भी पढ़ें- तेज रफ्तार BMW ने बाइक को मारी टक्कर, एक युवक की मौत...2 की हालत गंभीर
आरोपियों में अग्रवाल, बालियान, राणा, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अशोक कटारिया, BJP के पूर्व सांसद भरतेंदु सिंह और सोहनवीर सिंह, BJP के पूर्व विधायक अशोक कंसल और उमेश मलिक, VHP नेता साध्वी प्राची और डासना शिव मंदिर के नरसिंहानंद वगैरह शामिल थे। सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के केस वापस लेने के फैसले के बाद सरकारी वकील ने यह अर्जी दाखिल की थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों और उसके बाद आस-पास के ज़िलों में हुई हिंसा में 60 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी और 40,000 से ज़्यादा लोग बेघर हो गए थे।