Edited By Ramanjot, Updated: 13 Aug, 2026 02:09 PM

दर्ज FIR के अनुसार, भंडारी को 28 जुलाई को एक अनजान नंबर से WhatsApp वीडियो कॉल आया। पुलिस की वर्दी पहने कॉलर ने खुद को मुंबई का CBI अधिकारी बताया और भंडारी से कहा कि 50 करोड़ रुपए का हवाला ट्रांज़ैक्शन पकड़ा गया है
जयपुर: 90 साल के एक पूर्व जिला जज को साइबर ठगों ने CBI अधिकारी और RBI मैनेजर बनकर 2.50 करोड़ रुपए का चूना लगाया और उन्हें करीब 15 दिनों तक "डिजिटल अरेस्ट" में रखा। पुलिस ने बताया कि यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब SBI के एक मैनेजर की सतर्कता से पीड़ित गणपत सिंह भंडारी अपने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) खाते से पैसे ट्रांसफर नहीं कर पाए। इसके बाद बुधवार शाम जयपुर के ज्योति नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
ठग ने दी गिरफ्तारी की धमकी
दर्ज FIR के अनुसार, भंडारी को 28 जुलाई को एक अनजान नंबर से WhatsApp वीडियो कॉल आया। पुलिस की वर्दी पहने कॉलर ने खुद को मुंबई का CBI अधिकारी बताया और भंडारी से कहा कि 50 करोड़ रुपए का हवाला ट्रांज़ैक्शन पकड़ा गया है, जिसमें से 40 लाख रुपए उनके SBI खाते में जमा किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि ठग ने उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी और परिवार वालों को इस बारे में न बताने की चेतावनी दी। बाद में, एक और व्यक्ति ने WhatsApp पर भंडारी से संपर्क किया और खुद को RBI मैनेजर बताया। उसने पीड़ित से कहा कि हवाला ट्रांज़ैक्शन से जुड़ा पैसा म्यूचुअल फंड में निवेश किया गया है और उनसे उनके वित्तीय निवेश की जानकारी मांगी। भंडारी ने डर और दबाव में आकर कॉलर के साथ अपने म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जानकारी साझा कर दी।
अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई रकम
इसके बाद ठगों ने जांच में मदद के बहाने उन्हें अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। शिकायत के अनुसार, भंडारी ने 3 से 10 अगस्त के बीच गांधी नगर स्थित अपने SBI खाते से 2,50,51,000 रुपये (2.5 करोड़ रुपये) ट्रांसफर किए। आरोपियों ने भंडारी से हर बातचीत के बाद WhatsApp चैट, कॉल लॉग और अन्य मैसेज डिलीट करने के लिए कहा। पुलिस ने बताया कि इन निर्देशों की वजह से ठग इस धोखाधड़ी की बात पीड़ित के परिवार से छिपाने में कामयाब रहे। बाद में धोखाधड़ी करने वालों ने भंडारी से अपने PPF अकाउंट से भी पैसे ट्रांसफर करने को कहा। जब वह बुधवार को SBI की जौहरी बाजार ब्रांच पहुंचे, तो बैंक मैनेजर को शक हुआ और उन्होंने ट्रांजैक्शन रोक दिया।
मैनेजर ने भंडारी से पूछताछ की और उन्हें बताया कि ऐसा लगता है कि वह साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं। इसके बाद पीड़ित ने अपने भतीजे से संपर्क किया, जिसने ज्योति नगर पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच चल रही है।