Edited By Harman, Updated: 17 Mar, 2026 02:13 PM

Bihar Heatwave Alert : बिहार में इस वर्ष अप्रैल से जून तक भीषण गर्मी और लू की संभावना को लेकर प्रशासन ने पूरी तरह सतकर्ता बरतते हुए विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यहां बताया कि राज्य में इस वर्ष...
Bihar Heatwave Alert : बिहार में इस वर्ष अप्रैल से जून तक भीषण गर्मी और लू की संभावना को लेकर प्रशासन ने पूरी तरह सतकर्ता बरतते हुए विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यहां बताया कि राज्य में इस वर्ष अप्रैल से जून तक भीषण गर्मी पड़ने की आशंका है। साथ ही तेज लू की स्थिति भी बन सकती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इससे निपटने के लिए समुचित कार्ययोजना को मूर्तरूप देने के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण , परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा, नगर विकास एवं आवास, मौसम समेत 10 विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये हैं। इस बीच मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार अप्रैल के मध्य से लेकर मई-जून तक हीटवेव की स्थिति बन सकती है।
तापमान 30 डिग्री पार
मुख्य सचिव अमृत ने अलग अलग दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि नालंदा, गया, रोहतास तथा अन्य दक्षिण बिहार के जिलों में अभी से ही तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। मार्च महीने से ही दूसरे राज्यों में आग लगने और लोगों को लू लगने जैसी घटनाएं सामने आने लगी हैं। इसके मद्देनजर बिहार को पहले से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल और प्याऊ की व्यवस्था
मुख्य सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी विभाग पहले से तैयार मानक संचालन नियमावली (एसओपी) के आधार पर तुरंत काम शुरू कर दें। उन्होंने नगर विकास एवं आवास विभाग को निर्देश दिया कि बस स्टैंड, बाजार, चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की जाए। जरूरत पड़ने पर टैंकरों से पानी की आपूर्ति कराने की व्यवस्था हो। सभी पेयजल पाइपलाइनों की मरम्मती सुनिश्चित करते हुए पानी के टैंकर भी पर्याप्त तैयार रखे।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर खास जोर
अमृत ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि अप्रैल शुरू होने से पहले सभी सिविल सर्जन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों की बैठक की जाए। हर स्वास्थ्य केंद्र पर ओआरएस की पूरी व्यवस्था हो और लू से प्रभावित लोगों के इलाज के लिए निर्धारित एसओपी का सख्ती से पालन किया जाए। मुख्य सचिव ने बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए शिक्षा विभाग को खासतौर से मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। स्कूलों में बच्चों को अत्याधिक गर्मी से बचाव के तरीके सिखाए जाएं और हर स्कूल में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस उपलब्ध रखी जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दोपहर में परिवहन संचालन सीमित करने की सलाह
अमृत ने श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग को खुले में काम करने वाले मजदूरों, भवन निर्माण स्थलों और कारखानों में काम करने वालों के लिए पेयजल, आइस पैक, शेड और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने का आदेश दिया। उन्होंने ऊर्जा विभाग को सख्त हिदायत दी गई कि गर्मियों में 24 घंटे बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही ढीले तारों की मरम्मती हो जिससे गर्मी में तार टूटने से आग लगने की घटनाएं न हों। मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को लू के दौरान सुबह 11 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सार्वजनिक परिवहन का परिचालन नियंत्रित या सीमित करने का निर्देश अमृत ने दिया। साथ ही सार्वजनिक वाहनों में पेयजल, ओआरएस और प्राथमिक उपचार किट रखने एवं बस स्टैंडों पर मौजूद हैंडपंप को समय रहते ठीक कराने कहा।
पशु-पक्षियों के लिए भी विशेष प्रबंध
अमृत ने ग्रामीण विकास विभाग को मनरेगा और अन्य कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया और लू लगने पर तत्काल प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल की उचित व्यवस्था करने, खासकर गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के लिए विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग को पशु-पक्षियों के लिए चिन्हित स्थानों पर गड्ढे खुदवाकर पानी इकट्ठा करने और चल चिकित्सा वाहनों से उनकी निगरानी एवं इलाज करने कहा। उन्होंने पीएचईडी विभाग को साप्ताहिक आधार पर वाटर टेबल की निगरानी करने और जलस्तर गिरने पर तुरंत राहत पहुंचाने को कहा। साथ ही सभी पानी के टैंकरों की मरम्मत और सफाई 10-15 दिनों के अंदर पूरी करने के सख्त निर्देश दिए।