Edited By Harman, Updated: 14 Apr, 2026 12:59 PM

बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार को किशनगंज के नगर थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) अभिषेक रंजन के खिलाफ शिकंजा कस दिया। उन पर अपनी वैध आय से लगभग 1.70 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
किशनगंज : बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार को किशनगंज के नगर थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) अभिषेक रंजन के खिलाफ शिकंजा कस दिया। उन पर अपनी वैध आय से लगभग 1.70 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
पांच ठिकानों पर एक साथ दबिश
मंगलवार सुबह 8 बजे EOU की अलग-अलग टीमों ने एक साथ छापेमारी शुरू की। किशनगंज में थाना परिसर से महज 50 मीटर दूर उनके सरकारी आवास और चेंबर को खंगाला गया। इसके अलावा छपरा में और पटना के रामकृष्ण नगर स्थित उनके निजी आवास पर भी रेड डाली है। पटना स्थित आवास पर ताला लटका होने के कारण टीम को अंदर प्रवेश करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सूत्रों के अनुसार, अभिषेक रंजन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध तरीके से धन उगाही की और भू-माफियाओं को संरक्षण दिया। इसी भ्रष्टाचार की शिकायतों के मद्देनजर उन्हें हाल ही में थाना प्रभारी के पद से हटाकर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी।
EOU की टीम में शामिल महिला अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने अभिषेक रंजन के आवास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक पासबुक और जमीन के कागजात बरामद किए हैं। उनके निजी ड्राइवर हरेंद्र से भी टीम पूछताछ कर रही है ताकि उनकी अन्य गुप्त संपत्तियों का पता लगाया जा सके। EOU के अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और बरामद दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद काली कमाई का आंकड़ा और बढ़ सकता है।