जनरल सैयद अता हसनैन बने बिहार के राज्यपाल, जानें कौन है नए गवर्नर

Edited By Harman, Updated: 14 Mar, 2026 01:03 PM

general syed ata hasnain appointed governor of bihar

Bihar News : लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शनिवार को बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने लोक भवन में आयोजित एक समारोह में हसनैन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। हसनैन...

Bihar News : लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शनिवार को बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने लोक भवन में आयोजित एक समारोह में हसनैन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। हसनैन ने आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लिया है। समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। सेना में हसनैन की अंतिम तैनाती सैन्य सचिव के रूप में थी जो वरिष्ठ स्तर के कार्मिक प्रबंधन के लिए जिम्मेदार एक महत्वपूर्ण पद है। इससे पहले, उन्होंने जम्मू कश्मीर में सेना की 15 कोर की कमान संभाली थी। सेवानिवृत्ति के बाद भी हसनैन राष्ट्रीय और शैक्षणिक भूमिकाओं में सक्रिय रहे। उन्हें 2018 में केंद्रीय कश्मीर विश्वविद्यालय का कुलाधिपति नियुक्त किया गया था। वह 2020 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य के रूप में शामिल हुए थे।

जानें कौन हैं जनरल हसनैन? 

जनरल सैयद अता हसनैन को भारतीय सेना के सबसे विद्वान और रणनीतिक सैन्य अधिकारियों में गिना जाता है। सेना में हसनैन की अंतिम तैनाती सैन्य सचिव के रूप में थी जो वरिष्ठ स्तर के कार्मिक प्रबंधन के लिए जिम्मेदार एक महत्वपूर्ण पद है। इससे पहले, उन्होंने जम्मू कश्मीर में सेना की 15 कोर की कमान संभाली थी। सेवानिवृत्ति के बाद भी हसनैन राष्ट्रीय और शैक्षणिक भूमिकाओं में सक्रिय रहे। उन्हें 2018 में केंद्रीय कश्मीर विश्वविद्यालय का कुलाधिपति नियुक्त किया गया था। वह 2020 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य के रूप में शामिल हुए थे।

गढ़वाल राइफल्स से राजभवन तक का सफर

इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) से पासआउट होने के बाद उन्होंने गढ़वाल राइफल्स (4th Battalion) में कमीशन प्राप्त किया। उन्होंने सेना की प्रमुख स्ट्राइक फोर्स '21 कोर' का नेतृत्व किया और 2013 में सैन्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के बाद वे कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के चांसलर भी रहे।

परिवार और निजी जीवन

जनरल हसनैन की पत्नी सबीहा हसनैन एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में वरिष्ठ कार्यकारी हैं और उनकी दो बेटियां हैं। एक प्रखर वक्ता और लेखक के रूप में वे अक्सर राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीति पर अपनी बेबाक राय रखते रहे हैं।

इन पदकों से हुए सम्मानित

देश की सुरक्षा में उनके योगदान के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया गया है:

.परम विशिष्ट सेवा पदक 

.उत्तम युद्ध सेवा पदक

.अति विशिष्ट सेवा पदक 

.सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक

.सियाचिन ग्लेशियर मेडल और संयुक्त राष्ट्र (UN) मिशन पदक

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