Edited By Ramanjot, Updated: 14 Mar, 2026 10:34 AM

निगरानी के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने मामले में सुनवाई के बाद रोहतास जिले के दिनारा अंचल कार्यालय के तत्कालीन प्रधान लिपिक रामनरेश प्रसाद को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की...
Bihar News: बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के जुर्म में शुक्रवार को अंचल कार्यालय के एक पूर्व प्रधान लिपिक को तीन वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ 50000 का जुर्माना भी किया।
निगरानी के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने मामले में सुनवाई के बाद रोहतास जिले के दिनारा अंचल कार्यालय के तत्कालीन प्रधान लिपिक रामनरेश प्रसाद को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
मामले के विशेष लोक अभियोजक अमरनाथ पाठक ने बताया कि 25 दिसंबर 2008 को निगरानी के अधिकारियों ने दोषी प्रधान लिपिक को एक स्थानीय व्यक्ति से उसके जमीन का दाखिल खारिज करने के एवज में 8000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि अभियोजन ने इस मामले में आरोप साबित करने के लिए सात गवाहों का बयान अदालत में कलम बंद करवाया था।