फेमस सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हुआ गिरफ्तार, 82 वर्षीय बुजुर्ग से 10.74 करोड़ की ठगी का खुलासा

Edited By Ramanjot, Updated: 14 Aug, 2026 04:51 PM

influencer rohan jadhav arrested in digital arrest scam

जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि बाद में यह पैसा 5,436 बैंक खातों में भेजा गया। 30 जनवरी, 2026 को यस बैंक के एक खाते में 75 लाख रुपए जमा किए गए। बाद में, यस बैंक से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तीन खातों में 6.5 लाख रुपए और ट्रांसफर किए गए।

Rohan Jadhav arrested: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया है। इस स्कैम में पुणे के रहने वाले एक 82 वर्षीय व्यक्ति से 10.74 करोड़ रुपए ठगे गए थे। एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि पुणे के पिंपल निलाख के रहने वाले रोहन जाधव (26) को साइबर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया। वह एक 'रील-स्टार' हैं। 

CBI अधिकारी बनकर की ठगी
23 जनवरी और 31 जनवरी, 2026 के बीच, अज्ञात लोगों ने 82 वर्षीय शिकायतकर्ता के आधार कार्ड का इस्तेमाल करके केनरा बैंक में एक खाता खुलवाया। आरोपियों ने CBI अधिकारी बनकर उस बुजुर्ग को फोन किया और दावा किया कि यह खाता जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल के खिलाफ चल रहे मामलों से जुड़ा है। ठगों ने धमकी दी कि इस खाते का इस्तेमाल गैर-कानूनी लेन-देन के लिए किया जा रहा है और उन्हें तथा उनके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनके पैसे को "सुरक्षित" रखने के बहाने, उन्होंने शिकायतकर्ता को अपने सभी निवेश कुछ खास बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कुल 10,74,65,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए। 

5,436 बैंक खातों में भेजा गया पैसा 
जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि बाद में यह पैसा 5,436 बैंक खातों में भेजा गया। 30 जनवरी, 2026 को यस बैंक के एक खाते में 75 लाख रुपए जमा किए गए। बाद में, यस बैंक से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तीन खातों में 6.5 लाख रुपए और ट्रांसफर किए गए। तकनीकी विश्लेषण, साइबर क्राइम पोर्टल से मिली जानकारी और CCTV फुटेज के आधार पर, पुलिस ने पुणे के हर्षद सुभाष धंतोले (24) और समर्थ सुरेश देशमुख (24), सोलापुर के अमर अत्तरगी (24) और दिल्ली के रहने वाले प्रणव करण सिंह आर्य को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले साइंस ग्रेजुएट जाधव, धनटोले और देशमुख के मुख्य सहयोगी थे और हांगकांग में संदिग्ध इंटरनेशनल हैंडलर्स के संपर्क में थे उनके बैंक ट्रांजैक्शन, फाइनेंशियल लेन-देन और दूसरे आरोपियों के साथ संबंधों की जांच के बाद उन्हें गिरफ़्तार किया गया। अब तक पुलिस जबरन वसूली गई रकम में से 1.34 करोड़ रुपये फ्रीज करने में कामयाब रही है। आगे की जांच जारी है।

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