17 प्लॉट, कई मकान, गैस एजेंसी… बिहार का इंजीनियर निकला करोड़ों का मालिक, रेड में बड़ा खुलासा

Edited By SHUKDEV PRASAD, Updated: 17 Mar, 2026 10:45 PM

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बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी के बाद उनकी कथित अवैध संपत्तियों का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया है। EOU की जांच में सामने आया है कि मनोज रजक ने अपने सेवा काल के दौरान आय से लगभग 62.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। इसी आधार पर उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

कई जिलों में जमीन, करोड़ों की प्रॉपर्टी

तलाशी के दौरान कुल 17 जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। ये संपत्तियां बिहार के अररिया, दरभंगा, सुपौल और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में स्थित हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा जांच में दो लग्जरी वाहन—स्विफ्ट डिजायर और स्कॉर्पियो—भी बरामद किए गए हैं। बैंक खातों में लाखों रुपये जमा होने के साथ ही छापेमारी के दौरान नकद राशि भी मिली है।

 भाई के नाम पर गैस एजेंसी, सरकारी काम में निजी गाड़ी का इस्तेमाल

जांच में यह भी सामने आया कि मनोज रजक ने अपने भाई संजय रजक के नाम पर “इंजीनियर एचपी गैस ग्रामीण वितरक” नाम से गैस एजेंसी संचालित कर रखी है। आरोप है कि इस एजेंसी के लिए खरीदी गई जमीन को बाद में अपने नाम ट्रांसफर कराया गया। साथ ही, एजेंसी के नाम पर खरीदी गई स्कॉर्पियो गाड़ी को सरकारी कार्यों में दिखाकर उसका किराया अपने खाते में लेने की बात भी सामने आई है।

सुपौल और दरभंगा में बिल्डिंग-गोदाम, नेपाल तक कनेक्शन

EOU को जांच के दौरान सुपौल जिले के करजाइन में तीन भवन और गोदाम, निर्मली में एक गोदाम और दरभंगा में एक आवासीय मकान के निर्माण के सबूत मिले हैं।

इतना ही नहीं, जांच में यह भी संकेत मिला कि मनोज रजक नेपाल के सुनसरी जिले में एक घर का निर्माण करवा रहे हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी के नाम पर दरभंगा-बिरौल स्टेट हाईवे पर पेट्रोल पंप खोलने की तैयारी से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।

छिपाई गई संपत्तियों की जांच जारी

EOU के मुताबिक, कई ऐसी संपत्तियां सामने आई हैं जिनकी जानकारी अधिकारी ने अपनी वार्षिक संपत्ति विवरणी में नहीं दी थी। बैंक, पोस्ट ऑफिस और बीमा में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनका आकलन किया जा रहा है।

7 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

EOU ने दरभंगा स्थित आवास, मधुबनी के जयनगर कार्यालय और आवास समेत कुल 7 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। लंबे समय से मिल रही शिकायतों और पुख्ता सबूतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है।

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