Edited By Harman, Updated: 09 Apr, 2026 03:30 PM

बिहार के सुपौल जिले में मदरसा से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए रिटायर और यहां तक कि मृत शिक्षकों के नाम पर एरियर की करीब 1 करोड़ की राशि अवैध रूप से निकाल...
Bihar News : बिहार के सुपौल जिले में मदरसा से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए रिटायर और यहां तक कि मृत शिक्षकों के नाम पर एरियर की करीब 1 करोड़ की राशि अवैध रूप से निकाल ली गई। मामले के सामने आने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
यह पूरा मामला छातापुर प्रखंड के लक्ष्मीनियां पंचायत स्थित बरमोतरा वार्ड 1 के मदरसा हासिमिया से जुड़ा है। आरोप है कि मदरसा के पूर्व प्रधानाध्यापक सह वर्तमान सहायक शिक्षक मो. नाजिम अली ने सचिव और हेडमास्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर शिक्षकों के एरियर की राशि की निकासी की। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन शिक्षकों के नाम पर पैसे निकाले गए, उनमें से कुछ की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब वर्तमान हेडमास्टर मो. अरशद और नाजिम अली के बीच इस मुद्दे को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर यह मामला मदरसा के सचिव मो. कासिम तक पहुंचा, लेकिन आपसी सहमति नहीं बनने पर शिकायत प्रशासन तक पहुंच गई। 6 अप्रैल को मो. कासिम ने कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में प्रमंडलीय आयुक्त से इसकी शिकायत की, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए।
मध्याह्न भोजन योजना में भी गड़बड़ी के आरोप
जांच के क्रम में डीपीओ स्थापना आलोक शेखर और बीईओ सह बीपीआरओ देश कुमार मदरसा पहुंचे और दस्तावेजों की जांच की। प्रारंभिक जांच में हस्ताक्षरों के मिलान में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। सचिव के अनुसार, एरियर के नाम पर प्रत्येक शिक्षक के खाते से 15 से 20 लाख रुपये तक निकाले गए हैं। साथ ही मध्याह्न भोजन योजना में भी अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। डीएम सावन कुमार ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।