शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा- बिहार में जल्द बदलेगी शिक्षा की दिशा एवं दशा

Edited By Ramanjot, Updated: 06 Aug, 2022 12:33 PM

the direction and condition of education will change soon in bihar

मंत्री ने कहा कि आज शिक्षा का स्वरूप बदल गया है। शिक्षा को धन अर्जन का माध्यम बना दिया गया है। युवा पैकेज सिंड्रोम से ग्रसित हो रहे हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लक्ष्य को पहचानने की जरूरत है। शिक्षित और साक्षर होने में फर्क होता...

दरभंगाः बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने राज्य में शिक्षा की दशा और दिशा में जल्द बदलाव होने का दावा करते हुए शुक्रवार को कहा कि व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास ही शिक्षा का उद्देश्य है। चौधरी ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास शिक्षा का उद्देश्य है और राज्य सरकार इस दिशा में सतत प्रयत्नशील है जिसका प्रभाव अब दिखाई पड़ने लगा है। बिहार में शिक्षा की दशा और दिशा जल्द ही बदल जाएगी।

मंत्री ने कहा कि आज शिक्षा का स्वरूप बदल गया है। शिक्षा को धन अर्जन का माध्यम बना दिया गया है। युवा पैकेज सिंड्रोम से ग्रसित हो रहे हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लक्ष्य को पहचानने की जरूरत है। शिक्षित और साक्षर होने में फर्क होता है। आज शिक्षा का पैमाना धनोपार्जन हो गया है, उसमें बदलाव करने की जरूरत है। चौधरी ने कहा कि शिक्षा का मूल समाजसेवा होनी चाहिए। आजकल देखा जा रहा है कि समाज में शिक्षित व्यक्ति ही एकाकी पड़ जाते हैं। शिक्षित व्यक्ति कमियों को निकालने के बजाय बेहतरी पर कार्य करें तो यह समाज के लिए काफी लाभकारी साबित होगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि 4638 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू है और इस वर्ष के अंत तक सभी नियुक्तियां कर ली जाएंगी। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक बिहार के सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं एवं सत्र भी नियमित कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल का ही असर है कि आज सकल नामांकन अनुपात 12 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया है। जल्द ही हम राष्ट्रीय औसत प्राप्त कर लेंगे।

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