Edited By Khushi, Updated: 05 Apr, 2026 05:55 PM

Jharkhand News: झारखंड के चतरा जिले में 23 फरवरी को हुए एयर एंबुलेंस हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में हादसे की भयावहता और विमान के मलबे के दूर-दूर तक बिखरने की जानकारी सामने आई है।
Jharkhand News: झारखंड के चतरा जिले में 23 फरवरी को हुए एयर एंबुलेंस हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में हादसे की भयावहता और विमान के मलबे के दूर-दूर तक बिखरने की जानकारी सामने आई है।
विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की शुरुआती जांच रिपोर्ट के मुताबिक, चतरा में हुआ एयर एंबुलेंस हादसा बहुत ही भीषण था। विमान का मलबा करीब एक किलोमीटर के इलाके में फैल गया था। यह हादसा 23 फरवरी को हुआ, जब विमान ने रांची से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के सिर्फ 17 मिनट बाद ही विमान चतरा जिले के सिमरिया के करमाटांड़ जंगल में गिर गया। इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक मरीज, उसके दो परिजन, दो पायलट, एक डॉक्टर और एक नर्स शामिल थे।
विमान का ढांचा कई टुकड़ों में टूटा
रिपोर्ट के अनुसार, यह विमान रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट किंग एयर C90A था, जो एयर एंबुलेंस सेवा के तहत उड़ रहा था। इसी दिन इस विमान ने दिल्ली से रांची तक की उड़ान भी भरी थी और उस समय किसी तकनीकी खराबी की जानकारी नहीं मिली थी। रांची एयरपोर्ट पर विमान में 830 लीटर ईंधन भरा गया, जिसके बाद इसे दिल्ली के लिए रवाना किया गया। रास्ते में खराब मौसम के कारण पायलट ने तय मार्ग बदलने की अनुमति कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से मांगी, जो उन्हें मिल गई, लेकिन कुछ ही देर बाद विमान का एटीसी से संपर्क टूट गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि दुर्घटना के बाद विमान का अगला हिस्सा और कॉकपिट पूरी तरह नष्ट हो गए थे। विमान का बाकी ढांचा कई टुकड़ों में टूट गया था। दोनों पंखों के सिरे अलग हो गए थे और पिछला हिस्सा 200 से 600 मीटर दूर मिला। दोनों इंजन भी पंखों से अलग होकर 250 और 640 मीटर दूर पाए गए। इसके अलावा, विमान का इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर (ELT) भी काम नहीं कर पाया। हालांकि, अभी तक इस हादसे की असली वजह का पता नहीं चल सका है। जांच जारी है।