Edited By Khushi, Updated: 16 Mar, 2026 06:05 PM

Jharkhand News: झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारियों की संपत्ति का सालाना ब्योरा सामने आया है। केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड किए गए इन आंकड़ों से पता चलता है कि कई अधिकारियों के पास झारखंड के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी जमीन, फ्लैट और प्लॉट हैं।
Jharkhand News: झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारियों की संपत्ति का सालाना ब्योरा सामने आया है। केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड किए गए इन आंकड़ों से पता चलता है कि कई अधिकारियों के पास झारखंड के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी जमीन, फ्लैट और प्लॉट हैं।
दिल्ली-पटना-रांची तक फैली प्रॉपर्टी
झारखंड कैडर के 155 आईएएस अधिकारियों ने अपनी चल और अचल संपत्ति का वार्षिक विवरण केंद्र सरकार के पोर्टल पर सार्वजनिक कर दिया है। केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार सभी अधिकारियों को हर साल अपनी संपत्ति की जानकारी देना अनिवार्य होता है। इस बार 31 जनवरी 2026 तक सभी अधिकारियों ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के केंद्रीय पोर्टल पर यह जानकारी अपलोड कर दी है। सरकारी नियमों के मुताबिक वरिष्ठ पदों पर पदोन्नति और पैनल में शामिल होने के लिए आईएएस अधिकारियों को अपनी संपत्ति का वार्षिक विवरण देना जरूरी होता है। पोर्टल पर सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि झारखंड कैडर के कई अधिकारियों की संपत्ति सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं है। कई अधिकारियों के पास दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत अन्य राज्यों में भी जमीन, फ्लैट और प्लॉट हैं। इन आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि कई अधिकारियों की संपत्ति अलग-अलग शहरों में फैली हुई है। इसमें कृषि भूमि, आवासीय जमीन और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं।
झारखंड के मुख्य सचिव और 1993 बैच के आईएएस अधिकारी अविनाश कुमार ने भी अपनी पैतृक और अर्जित संपत्तियों का पूरा विवरण दिया है। उनके पास बिहार के सीतामढ़ी जिले के सुरसंड में 1.18 एकड़ और 20 एकड़ कृषि भूमि है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर के गन्नीपुर में उनके नाम आवासीय जमीन भी दर्ज है। बिहार की राजधानी पटना में भी उनकी कई संपत्तियां हैं। बोरिंग रोड में उनका एक फ्लैट है, जबकि पाटलिपुत्र कॉलोनी और दानापुर में भी उनके प्लॉट हैं। नई दिल्ली के द्वारका इलाके में उनका 1780 वर्ग फुट का 4 बीएचके फ्लैट है, जिससे उन्हें हर साल करीब 5.76 लाख रुपये किराया मिलता है। इसके अलावा लखनऊ के गोमती नगर में उनके पास 6000 वर्ग फुट जमीन है। वहीं झारखंड की राजधानी रांची के अशोक नगर में 1600 वर्ग फुट और धुर्वा इलाके में 7820 वर्ग फुट जमीन भी दर्ज है।
पूजा सिंघल की संपत्ति भी चर्चा में
2000 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की संपत्ति भी इस सूची में सामने आई है। उनके अनुसार कोलकाता के राजारहाट इलाके में उनका एक घर है। इसके अलावा रांची के कांके स्थित सुकुरहुट्टी में उनके पास 7800 वर्ग फुट का प्लॉट है। बरियातू स्थित ऑर्किड बिल्डिंग में उनके पति अभिषेक झा के नाम पर 4500 वर्ग फुट का व्यावसायिक स्थान दर्ज है। इसके अलावा नागड़ी इलाके में भी उनकी संपत्ति है, जिससे उन्हें हर साल लगभग 13 लाख रुपये की आय होती है।
अन्य अधिकारियों की भी कई शहरों में संपत्ति
संपत्ति विवरण में कई अन्य आईएएस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। 2002 बैच के आईएएस अधिकारी मनीष रंजन के पास पुणे, रांची और देहरादून में अचल संपत्ति दर्ज है। वहीं 2008 बैच की आईएएस अधिकारी अरवा राजकमल के पास रांची के पुंडाग स्थित जयसुमन अपार्टमेंट में एक फ्लैट है। 2011 बैच की आईएएस अधिकारी छबी रंजन के पास कांके के ओयना इलाके में एक फ्लैट है। वहीं रांची के उपायुक्त और 2011 बैच के आईएएस अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के पास भी कई जगह संपत्तियां दर्ज हैं। उनकी पत्नी के साथ संयुक्त रूप से बेंगलुरु और रांची के पिठोरिया इलाके में संपत्ति बताई गई है।
दो अधिकारियों ने घोषित की शून्य संपत्ति
दिलचस्प बात यह है कि झारखंड कैडर के दो आईएएस अधिकारियों ने अपनी संपत्ति शून्य बताई है। 1996 बैच के आईएएस अधिकारी मस्त राम मीना और 2005 बैच के आईएएस अधिकारी के. श्रीनिवासन ने पोर्टल पर अपनी संपत्ति के कॉलम में शून्य दर्ज किया है। हालांकि कुछ अधिकारियों ने अभी तक अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। इनमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे का नाम भी शामिल है। विनय चौबे लंबे समय तक मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात रहे थे। फिलहाल वे शराब घोटाले के मामले में एसीबी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद जेल में हैं। केंद्रीय पोर्टल पर सामने आए इन आंकड़ों से झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारियों की संपत्ति की एक स्पष्ट तस्वीर सामने आई है। इससे यह भी पता चलता है कि कई वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्तियां देश के अलग-अलग राज्यों में फैली हुई हैं।