Edited By Ramkesh, Updated: 31 May, 2026 12:34 PM

सरकार ने भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के दो अधिकारियों अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, विशेष सतकर्ता इकाई (एसवीयू)...
बिहार: सरकार ने भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के दो अधिकारियों अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, विशेष सतकर्ता इकाई (एसवीयू) की रिपोटर्, प्रवर्तन संबंधी अभिलेखों, बयानों तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इन साक्ष्यों में कथित रूप से रिश्वत, कमीशन और अनुचित वित्तीय लाभ स्वीकार करने के आरोप सामने आए हैं।
2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर, जो वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में निदेशक पद पर कार्यरत हैं, इससे पहले बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (ब्यूडको) के प्रबंध निदेशक रह चुके हैं। वहीं 2014 बैच की आईएएस अधिकारी अभिलाषा शर्मा कार्रवाई के समय जीविका परियोजना की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्यरत थीं। अधिसूचना में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय पटना स्थित सामान्य प्रशासन विभाग रहेगा।
उन्हें अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के प्रावधानों के तहत जीवन-निर्वाह भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) दिया जाएगा। यह कार्रवाई ठेकेदार एवं कथित टेंडर फिक्सिंग ऑपरेटर ऋषुश्री से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के बाद की गई है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी ने सरकारी निविदाओं (टेंडरों) में हेरफेर कर चुनिंदा ठेकेदारों को कमीशन के बदले अनुचित लाभ पहुंचाया।
उल्लेखनीय है कि 27 मई को एसवीयू ने पटना स्थित ऋषुश्री के आवास पर छापेमारी की थी। तलाशी अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में सोने, चांदी और हीरे के आभूषण, नकदी, कई संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज तथा 61 संपत्ति के दस्तावेज (डीड) बरामद किए गए थे।