Edited By Harman, Updated: 13 Apr, 2026 04:31 PM

दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के कई बार मुख्यमंत्री रह चुके चौहान को बिहार में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जदयू के वरिष्ठ...
Bihar Politics : बिहार में नयी सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज है। सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें नई सरकार में पार्टी की भूमिका तथा उपमुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा की गई।
15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह की संभावना!
सुबह जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मंत्री जमा खान और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवास पर करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में सरकार गठन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक के बाद बाहर निकले मंत्री जमा खान ने कहा कि बिहार में नई सरकार का गठन होने जा रहा है और 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इधर, पटना के जिलाधिकारी (डीएम) त्यागराजन लोकभवन पहुंचे, जहां वे लगभग 30 मिनट तक रुके। बताया जा रहा है कि उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों के संबंध में राज्यपाल को जानकारी दी।
इस बीच, 14 अप्रैल का दिन भी अहम माना जा रहा है। इस दिन सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मौजूदा मंत्रिपरिषद की अंतिम बैठक होगी। बैठक के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे, जिसके साथ ही वर्तमान सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इसके तुरंत बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस प्रक्रिया के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनकी मौजूदगी में विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान को मिली बड़ी जिम्मेदारी
दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के कई बार मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज सिंह चौहान को बिहार में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जदयू के वरिष्ठ नेता और विधायी कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा था, ''नए मुख्यमंत्री का चुनाव राजग द्वारा भाजपा की सिफारिश पर किया जाएगा, जिसमें भाजपा की अहम भूमिका होगी।'' ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि निवर्तमान सरकार में महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सबसे आगे हैं। राज्य के भाजपा नेता, जो हाल के दिनों में लगातार दिल्ली का दौरा कर रहे हैं, अपनी स्थिति को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।
कौन होगा बिहार का अगला CM? सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय या कोई 'सरप्राइज' नाम
प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल ने एक दिन पहले कहा था, ''अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फैसला हमारे केंद्रीय नेतृत्व को लेना है। मैं इस दौड़ में बिल्कुल भी नहीं हूं।'' सम्राट चौधरी के अलावा, जो दस साल से भी कम समय पहले भाजपा में शामिल हुए थे, अन्य संभावित नेताओं में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और राज्य मंत्री लखेंद्र पासवान और श्रेयसी सिंह के नाम शामिल हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार, ये सभी नेता अलग-अलग मायनों में इस पद के लिए उपयुक्त हैं। चौधरी 'कोइरी' जाति से हैं, और उनकी पदोन्नति से यह सुनिश्चित हो सकता है कि कुमार द्वारा अपने 20 साल के शासनकाल में पोषित 'लव कुश' (कुर्मी कोइरी) समीकरण जदयू प्रमुख के जाने के बाद भी राजग के पक्ष में बरकरार रहे। राय संख्या के लिहाज से बिहार की सबसे बड़ी जाति 'यादव' समुदाय से है और उनको आगे बढ़ाने से पार्टी का जनाधार बढ़ सकता है। यादव दशकों से लालू प्रसाद के राजद के साथ रहा है जो राज्य में भाजपा का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दल है।