Edited By Ramanjot, Updated: 02 Apr, 2025 11:01 PM

विद्युत भवन में सचिव, ऊर्जा विभाग एवम् बीएसपीएचसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पंकज कुमार पाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी विद्युत अंचलों एवं प्रमंडलों के अभियंताओं के साथ बैठक की।
पटना: विद्युत भवन में सचिव, ऊर्जा विभाग एवम् बीएसपीएचसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पंकज कुमार पाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी विद्युत अंचलों एवं प्रमंडलों के अभियंताओं के साथ बैठक की। बैठक में आरडीएसएस एवं मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई एवं योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान पाया गया कि फील्ड स्तर पर इन दोनों योजनाओं के बीच समन्वय हेतु विशेष प्रयास करने की आश्यकता है। चूंकि दोनों योजनाएं कृषि उपभोक्ताओं के लिए विद्युत संरचनाओं के विकास पर केंद्रित हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि समुचित मॉनिटरिंग और समन्वय सुनिश्चित किया जाए। इस संदर्भ में निर्देश दिया गया कि स्वीकृत कार्यों के एसएलडी के अनुमोदन के दौरान संबंधित एजेंसी से जीपीएस कोऑर्डिनेट्स सहित एक स्वघोषणा प्राप्त की जाए ताकि किसी भी बिंदु पर दोहराव की संभावना न हो। यह भी निर्देश दिया गया कि क्रॉस-वेरिफिकेशन एवं साइट निरीक्षण के दौरान इस प्रकार की स्थिति पाए जाने पर संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे। डेडीकेटेड कृषि फीडर के कार्य के संबंध में उन्होंने कहा कि पहले 11 केवी बे का निर्धारण किया जाए, उसके बाद ही कृषि फीडर का कार्य प्रारंभ हो, ताकि फीडर को डेडीकेटेड बे से चार्ज किया जा सके और लाइन लॉस एवं कंडक्टर चोरी जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि साइट ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट का 100% अनुपालन सुनिश्चित किया जाए ताकि निर्मित विद्युत संरचना का हस्तांतरण पूर्ण रूप से किया जा सके। इसके अतिरिक्त, फीडर सेग्रीगेशन का कार्य अप्रैल 2025 तक फसलों की कटाई के तुरंत बाद पूरा किया जाए। वहीं, सुविधा पोर्टल पर मार्च 2025 तक लंबित सभी कृषि विद्युत कनेक्शन आवेदनों का निस्तारण जून 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
ऊर्जा सचिव ने बेहतर मॉनिटरिंग के लिए एक ऐप बनाने के निर्देश दिए जिसमें जिओ टैगिंग, टाइम एवं तारीख स्टाम्प्ड फोटो,साइट ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट अपलोड एवं जेएमसी रिपोर्ट जमा करने की सुविधा हो, जिसे अभियंता के साथ एजेंसी भी भरेंगे। इसकी मॉनिटरिंग मुख्यालय स्तर से की जाएगी।
पाल ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि इन योजनाओं की प्रभावी निगरानी एवं क्रियान्वयन के लिए क्षेत्रीय एवं स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के कृषि क्षेत्र को सशक्त करना और किसानों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है। अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्य नियत समय-सीमा के भीतर एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे हों।
बैठक के अंत में पाल ने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे इन योजनाओं को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि राज्य के किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके।