Edited By Ramanjot, Updated: 02 May, 2026 02:24 PM

हरियाणा की एक युवती ने सीवान पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का दावा है कि उसके मंगेतर ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया और दहेज के पैसे लेने के बाद दूसरी जगह शादी तय कर ली।
Bihar News: बिहार के सीवान जिले से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हरियाणा की युवती ने सीवान महिला थाना प्रभारी और हुसैनगंज थाने की एक महिला सब-इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगेतर से धोखा खाकर न्याय मांगने आई पीड़िता का कहना है कि ने मदद करने के बजाय उसके आवेदन फाड़ दिए और जबरन समझौते का दबाव बनाया।
दहेज लेकर पलटा मंगेतर
जानकारी के अनुसार, हरियाणा के पानीपत निवासी जय प्रकाश ने 2018 में अपनी पुत्री मेनका (परिवर्तित नाम) का विवाह सीवान के हुसैनगंज थाना अंतर्गत हथौड़ा निवासी जितेंद्र कुमार प्रसाद से तय किया था। इसके बाद लड़के वालों ने घर बनाने और बेरोजगारी की बात कहकर शादी टाल दी। उन्होंने लड़की वालों से दहेज के पैसे (1.87 लाख रुपये) पहले ही ऐंठ लिए। इस बीच, लड़का-लड़की का मिलना शुरू हुआ और दोनों परिवार की सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान जितेंद्र ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई। इसके बाद शादी के दबाव पर विवाद बढ़ा तो युवती ने आत्महत्या का प्रयास भी किया, लेकिन इस स्थिति में उसका गर्भपात हो गया।
पीड़िता के साथ पुलिस की बदसलूकी
वहीं पीड़िता को जब सूचना मिली कि जितेंद्र 1 मई को कहीं और शादी कर रहा है, तो वह 28 अप्रैल को सीवान में महिला थाना प्रभारी सोनी कुमारी के पास पहुंची, लेकिन आरोप है कि उन्होंने क्षेत्राधिकार का बहाना बनाकर युवती को डांट कर भगा दिया और रात के समय हुसैनगंज भेज दिया गया।
रिश्वत लेकर समझौते का बनाया दबाव
पीड़िता ने हुसैनगंज थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर चांदनी कुमारी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एसआई ने न केवल उसके साथ बदसलूकी की, बल्कि उसका आवेदन तक फाड़ दिया। उसे धमकाया गया कि 4-5 लाख रुपए लेकर सेटलमेंट कर लो और वापस हरियाणा चली जाओ। वहीं रात 12 बजे बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के, उसे पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ होटल भेज दिया गया।
DSP के आदेश की भी अवहेलना
मामले में मोड़ तब आया जब अगले दिन 29 अप्रैल को पीड़िता ने डीएसपी (DSP) से गुहार लगाई। लेकिन डीएसपी के निर्देश के बावजूद महिला थाना प्रभारी ने केस सुनने से इनकार कर दिया। इसके बाद 30 अप्रैल को हुसैनगंज थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज तो हुई, लेकिन जांच का जिम्मा उसी सब-इंस्पेक्टर चांदनी कुमारी को सौंपा गया, जिन पर पीड़िता ने प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।