बिहार के इस गांव का सपना हुआ साकार, 87 साल बाद पहुंची ट्रेन तो लोगों ने ऐसे किया स्वागत

Edited By Nitika, Updated: 01 Mar, 2021 05:40 PM

train arrived in this village of bihar after 87 years

बिहार के सुपौल जिले के एक गांव में 87 साल बाद लोगों का सपना साकार हुआ है। उनके गांव में पहली बार ट्रेन पहुंची तो इंजन देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने पूजा-अर्चना कर ट्रेन का स्वागत किया।

सुपौलः बिहार के सुपौल जिले के एक गांव में 87 साल बाद लोगों का सपना साकार हुआ है। उनके गांव में पहली बार ट्रेन पहुंची तो इंजन देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने पूजा-अर्चना कर ट्रेन का स्वागत किया। इतना ही नहीं गांव में ट्रेन की सिटी सुनते ही लोगों ने 'मोदी है तो मुमकिन है' के नारे लगाने भी शुरू कर दिए।

दरअसल, सरायगढ़-निर्मली रेलखंड पर आसनपुर-कुपहा से निर्मली तक बड़ी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा होते ही शनिवार को रेलवे द्वारा ट्रेन का स्पीड ट्रायल करवाया गया। इस कड़ी में राधोपुर से निर्मली के बीच भी स्पीड टेस्ट के लिए ट्रेन का परिचालन किया गया। वहीं रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्पीड ट्रायल सफल रहने के बाद सीआरएस की मंजूरी हो सकती है।

बता दें कि वर्ष 1934 में आए बड़े भूकंप के कारण छोटी लाइन की पटरी ध्वस्त हो गई थी और निर्मली-सरायगढ़ के बीच ट्रेन सेवा बंद हो गई थी। उसी समय से मिथिलांचल 2 भागों में विभाजित है। 6 जून 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने निर्मली महाविद्यालय से कोसी नदी पर महासेतु का शिलान्यास किया था।

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