पूर्व दिव्यांग क्रिकेटर्स ने सुप्रीम कोर्ट को आवेदन की प्रतियां भेजकर दिया प्रि-इंटीमेशन

Edited By Diksha kanojia, Updated: 03 Jul, 2022 05:02 PM

former disabled cricketers sent copies of applications to the sc

रांची झारखंड निवासी मुकेश कंचन ने बताया कि जिस प्रकार से माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व दिव्यांग क्रिकेटर्स को लेकर दिव्यांग क्रिकेट को संचालन हेतु कमेटी बनाने का निर्देश दिया है, उस आधार पर मैंने बीसीसीआई को अपना आवेदन भेजा है। माननीय सर्वोच्च...

रांचीः क्रिकेट के मैदान पर शानदार कप्तानी करके देश को विश्व कप और एशिया कप में चैंपियन बनाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले नेत्रहीन क्रिकेटर, मूकबधिर क्रिकेटर एवं शारीरिक रूप से निशक्त क्रिकेटर्स ने बीसीसीआई को भेजे गए आवेदन की प्रति मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट को भेजकर प्री-इंटीमेशन दिया है। 

रांची झारखंड निवासी मुकेश कंचन ने बताया कि जिस प्रकार से माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व दिव्यांग क्रिकेटर्स को लेकर दिव्यांग क्रिकेट को संचालन हेतु कमेटी बनाने का निर्देश दिया है, उस आधार पर मैंने बीसीसीआई को अपना आवेदन भेजा है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश में ऐसा कहीं पर भी नहीं लिखा है कि किसी संस्था को मान्यता दी जाए। मुकेश कंचन ने कहा कि उन्होंने देश के लिए 54 मैच खेले हैं। बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, मलेशिया, सिंगापुर और यूनाइटेड अरब अमीरात की यात्रा सहित, जिसमें 21 मैचों में कप्तानी भी की है। 21 में से 18 मैच मुकेश कंचन की कप्तानी में भारत ने जीते हैं। मुकेश कंचन एशिया कप विजेता रही भारतीय टीम के भी सदस्य हैं।

उन्होंने आगे बताया बीसीसीआई के आला अधिकारियों को कुछ लोग गुमराह करके अपनी सेटिंग बनाने में लगे हुए हैं, जबकि वह भी भली-भांति जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार पूर्व क्रिकेटर को ही कमेटी में लेने का निर्देश है जबकि वह लोग किसी भी प्रारूप में देश के लिए एक मैच में भी नहीं खेले हैं। मानवेंद्र सिंह जोकि ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन से है तथा भारतीय नेत्रहीन टीम के कप्तान रहे हैं। उन्होंने अपनी कप्तानी में देश को विश्व कप जिताया है। मानवेंद्र सिंह के अलावा विवेक मालशे जो कि भारतीय मूकबधिर क्रिकेट टीम के कप्तान रहे हैं और अपनी कप्तानी में विश्व कप एवं एशिया कप भारत को जिताने में कामयाब रहे हैं।

मुकेश ने कहा,‘‘मैंने अपने साथ मानवेंद्र सिंह और विवेक माल्शे का आवेदन भी माननीय सर्वोच्च न्यायालय को भेजकर प्रि इंटीमेशन दिया है। मैंने माननीय मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय को अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि यह प्रि इंटीमेशन इसलिए दिया जा रहा है कि कहीं हमारे साथ कोई नाइंसाफी ना हो जाए। क्योंकि हम दिव्यांग लोग हैं और हमारी इतनी ताकत नहीं कि हम बीसीसीआई के खिलाफ लड़ाई लड़ सके। हम तो बीसीसीआई के सहायक बन कर काम करना चाहते हैं।‘‘ 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!