वीबी-जी रामजी अधिनियम के तहत ग्रामीणों को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी : श्रवण कुमार

Edited By Sahil Kumar, Updated: 22 Jun, 2026 07:44 PM

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बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने सोमवार को कहा कि विकसित भारत- गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) अधिनियम के तहत अकुशल श्रम कार्य करने के इच्छुक पात्र ग्रामीणों को सालाना 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी।...

नेशनल डेस्कः बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने सोमवार को कहा कि विकसित भारत- गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) अधिनियम के तहत अकुशल श्रम कार्य करने के इच्छुक पात्र ग्रामीणों को सालाना 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। कुमार मुख्य सचिवालय परिसर स्थित अधिवेशन भवन में वीबी-जी रामजी योजना के संबंध में उप विकास आयुक्तों, एनईपी निदेशकों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों के लिए आयोजित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने योजना के प्रमुख बिंदुओं की चर्चा करते हुए कृषि एवं मौसम आधारित योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मंत्री ने केंद्र सरकार से सभी राज्यों में वीबी-जी रामजी योजना के तहत एक समान मजदूरी निर्धारित करने तथा पूर्व की लंबित राशि शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया। ग्रामीण विकास विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बिहार ने कई मोर्चों पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए राज्य के 'चेक डैम मॉडल' को देशभर में अपनाया गया है तथा कुओं और तालाबों के निर्माण के क्षेत्र में बिहार को राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। 

उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 20 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं तथा चालू वित्तीय वर्ष में 1.25 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत के समय राज्य में हरित क्षेत्र लगभग नौ प्रतिशत था, जो बढ़कर 16 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे बढ़ाकर राष्ट्रीय औसत 33 प्रतिशत तक ले जाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने मनरेगा के तहत खेल मैदानों के निर्माण के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्राचीन काल से चली आ रही है और आवश्यकता के अनुसार इसमें समय-समय पर बदलाव किए जाते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वीबी-जी रामजी अधिनियम इसी व्यवस्था का आधुनिक स्वरूप है, जिसे वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। पंकज कुमार ने बताया कि बड़े राज्यों में बिहार पहला राज्य है जहां इस अधिनियम को सबसे पहले मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक संजय कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने बिहार के लिए 6,715 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया है। यह राशि चालू वित्तीय वर्ष के शेष नौ महीनों के लिए उपलब्ध कराई गई है। 
 

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