Edited By Ramanjot, Updated: 15 Oct, 2026 05:53 PM

किशोर ने आरा में अधिकारी को गोली मारने और नालंदा में सिपाही की मौत की घटनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन का ध्यान अपराध नियंत्रण के बजाय शराबबंदी, बालू माफिया से पैसा कमाने और अपराध को संरक्षण देने पर है।
सहरसा: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार में आपराधिक घटनाओं को लेकर सम्राट सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब लोग अपराधियों को चुनकर सदन का सदस्य बनाएंगे और सरकार को अपराधी चलाएंगे, तो अच्छे समाज और रोजगार की कल्पना कैसे कर सकते हैं।
किशोर ने आरा में अधिकारी को गोली मारने और नालंदा में सिपाही की मौत की घटनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन का ध्यान अपराध नियंत्रण के बजाय शराबबंदी, बालू माफिया से पैसा कमाने और अपराध को संरक्षण देने पर है। जनसुराज के नेता ने विधानपरिषद (MLC) चुनाव को लेकर कहा कि यह सरकार बनाने या हटाने का चुनाव नहीं, बल्कि सरकार पर अंकुश लगाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि यदि कोसी क्षेत्र में एनके यादव हारते हैं, तो भाजपा से जुड़े विधायक, सांसद और दिल्ली तक के नेताओं को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा कि लोग पार्टी से विमुख क्यों हो रहे हैं। इससे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ेगी और लोकतंत्र मजबूत होगा।
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किशोर ने राघोपुर नाव हादसे में एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत पर संवेदना जताते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि जब लोग अपने और अपने बच्चों की सुविधाओं को छोड़कर जाति-धर्म के आधार पर वोट देते हैं, तो समाज में सुधार नहीं हो सकता। आज के दौर में नाव पर सवार 20-25 बच्चों के डूबने और मौके पर एनडीआरएफ या एसडीआरएफ की व्यवस्था नहीं होने जैसी घटना आदिकालीन व्यवस्था की याद दिलाती है।