Edited By Ramanjot, Updated: 16 Apr, 2026 05:24 PM

इस मामले में अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायाधीश ने अपने फैसले में पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत तीन लाख रुपए की सहायता राशि भी देने का आदेश दिया है। सजायाफ्ता साकिम अंसारी इनरवा थाने...
Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले में एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए ‘दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट' के अनन्य विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने नामजद अभियुक्त को दोषी पाते हुए उसे बीस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ पचास हजार रुपए अर्थ दंड भी लगाया है।
इस मामले में अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायाधीश ने अपने फैसले में पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत तीन लाख रुपए की सहायता राशि भी देने का आदेश दिया है। सजायाफ्ता साकिम अंसारी इनरवा थाने के बरवा परसौनी गांव का रहने वाला है।
वर्ष 2024 की है घटना
विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना 11 नवंबर वर्ष 2024 की है। गांव की एक नाबालिग बच्ची घर में सोई थी। रात्रि समय उठ कर वह 1:00 बजे जब पानी पीने चापाकल के पास गई, तो अभियुक्त ने पकड़ कर जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के शोर मचाने पर उसके परिजन दौड़कर बाहर गए तो वह भाग गया। इस संबंध में पीड़िता के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के माध्यम से महज 9 महीने में पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश ने यह सजा सुनाई है