Edited By Khushi, Updated: 26 Jan, 2026 05:32 PM

Ranchi News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बड़ा निशाना साधते हुए कहा कि 26 जनवरी को उनके द्वारा झारखंड में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराना गणतंत्र दिवस और संविधान का अपमान है।
Ranchi News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बड़ा निशाना साधते हुए कहा कि 26 जनवरी को उनके द्वारा झारखंड में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराना गणतंत्र दिवस और संविधान का अपमान है। मरांडी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस पर झारखंड की उप राजधानी दुमका में मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा नहीं फहराया जाएगा और इसके पीछे कोई आकस्मिक आपदा या घटना नहीं है बल्कि मुख्यमंत्री का विदेश दौरा है। लंदन की सड़कों पर मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे सैर सपाटे और खरीदारी है।
"आखिर मुख्यमंत्री किस काम से रुके हैं"
मरांडी ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री के द्वारा तिरंगा नहीं फहराया जाना देश की स्वतंत्रता,गणतंत्र और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रति मुख्यमंत्री का द्दष्टिकोण साफ साफ दिखाई पड़ रहा है। मरांडी ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान का अपमान है। ये वही लोग हैं जो सदन में, सड़क पर , चौक चौराहों पर संविधान की पुस्तक लहराते है, पॉकेट में लेकर घूमते हैं, लेकिन राष्ट्रीय पर्व की मर्यादा भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि दावोस यात्रा का कार्यक्रम 23 जनवरी को समाप्त हो गया। अन्य राज्यों से गए मुख्यमंत्री गण, पदाधिकारी गण भारत लौट आए, लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री और साथ गए वरिष्ठ पदाधिकारी अपनी पत्नियों के साथ लंदन में सैर सपाटे में शामिल हैं। लंदन की सड़कों पर मुख्यमंत्री झारखंड के बालू, पत्थर, कोयला की लूटी कमाई को लुटा रहे हैं। यह राज्य के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार पूरा ब्यौरा जारी कर बताए कि आखिर मुख्यमंत्री किस काम से रुके हैं। गणतंत्र दिवस से भी ज्यादा कौन सा महत्वपूर्ण कार्य है। आखिर वहां किसके साथ मीटिंग हो रही, किसके पैसे खर्च हो रहे हैं? राज्य की जनता जानना चाहती है।
"मुख्यमंत्री जनता को पूरी तरह मूर्ख समझते हैं"
मरांडी ने कहा कि उद्योग लगने के नाम पर टाटा से एमओयू करने मुख्यमंत्री दावोस गए जो टाटा कंपनी रांची में आकर एमओयू कर सकती थी। नवीन जिंदल के साथ एमओयू हुआ दावोस में ये भी रांची में हो सकता था। उन्होंने कहा कि टाटा का प्रोजेक्ट भी ऑन गोइंग प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि जानकारी यह भी मिली है कि टाटा के 5 वर्षों से लंबित एक कार्य की स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री ने दावोस में एमओयू करने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा कि मुख्यमंत्री जनता को पूरी तरह मूर्ख समझते हैं। जनता की आंखों में धुल झोंक रहे हैं। अखबारों में विज्ञापन देकर बड़ी -बड़ी खबरें छपवा रहे हैं। मरांडी ने कहा कि अंग्रेजों ने लंदन से आकर भारत को लूटा अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लंदन की सड़कों पर बालू पत्थर कोयला के लुटे पैसे को लूटा रहे। उन्होंने कहा कि यह झारखंड की गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है। मुख्यमंत्री को इसके पाई -पाई का हिसाब जनता को देना होगा।