Edited By Ramanjot, Updated: 01 May, 2026 01:46 PM

मरांडी ने कहा है कि झारखंड में अधिकारियों के तबादले अब सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक संगठित कारोबार का रूप ले चुके हैं।
रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखकर राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाया है।
मरांडी ने कहा है कि झारखंड में अधिकारियों के तबादले अब सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक संगठित कारोबार का रूप ले चुके हैं। जब जिलों में नियुक्त नए एसपी और उपायुक्त मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंट करते हैं, तो वह महज औपचारिकता और सम्मान नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे हुए ‘लेन-देन' का काम पूरा हो जाने का इशारा करता है।
'दलालों के नियंत्रण में है राज्य का प्रशासन'
मरांडी ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब दलालों के जरिए वसूली का खेल खुलकर सामने आ रहा है। हाल ही में यह चर्चा रही कि एक दलाल की पिटाई सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि रकम ‘सही' यानी अधिकृत दलाल तक नहीं पहुंची थी। कहा जा सकता है कि राज्य का प्रशासन अब अधिकारियों नहीं, दलालों की फौज के नियंत्रण में है।