"क्यों CM हेमंत को झारखंड में BJP नेताओं के आने पर होती है आपत्ति", हिमंत बिस्वा का सवाल

Edited By Khushi, Updated: 20 Sep, 2024 06:34 PM

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप लगाया कि वह भारतीय मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेताओं की मेजबानी करते हैं, लेकिन अमित शाह सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के प्रति 'तिरस्कार' की भावना रखते हैं।

रांची: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप लगाया कि वह भारतीय मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेताओं की मेजबानी करते हैं, लेकिन अमित शाह सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के प्रति 'तिरस्कार' की भावना रखते हैं।

दरअसल, आईयूएमएल के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर, राज्यसभा सदस्य हारिस बीरन तथा विधायक मोहम्मद बशीर ने बृहस्पतिवार को यहां सोरेन से उनके आवास पर मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर जारी एक बयान में कहा गया कि यह एक 'शिष्टाचार मुलाकात' थी। शर्मा ने सोरेन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें मोहम्मद अली जिन्ना द्वारा स्थापित 'मुस्लिम लीग' के नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होती है, लेकिन उन्हें अपने राज्य में 'भाजपा नेताओं के आने पर आपत्ति' होती है।

हिमंत विश्व शर्मा ने पूछा, ''जिन्ना द्वारा स्थापित आईयूएमएल के नेताओं ने झारखंड के मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मैं जानना चाहता हूं कि जिन्ना की पार्टी झारखंड क्यों आई? मुख्यमंत्री ने केरल के मुस्लिम लीग के नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया, लेकिन भाजपा नेताओं की उपेक्षा की और उन्हें आने से रोकने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र भी लिखा। आप क्यों जिन्ना की पार्टी के नेताओं को परिवार सहित चाय और कॉफी पिलाते हैं?'' उन्होंने कहा कि मैं यह भी जानना चाहता हूं कि आईयूएमएल के नेताओं ने झारखंड के मुख्यमंत्री को जो ज्ञापन सौंपा है उसमें क्या लिखा था। शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद झारखंड में भाजपा की सरकार बनेगी। असम के मुख्यमंत्री ने ‘एक देश, एक चुनाव' के मुद्दे पर कहा कि देश में समूचे विपक्ष के पास केवल एक ही एजेंडा रह गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध कैसे किया जाए। शर्मा ने कहा कि राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं।

जानकारी के मुताबिक झारखंड सरकार ने इस महीने की शुरुआत में निर्वाचन आयोग से आग्रह किया था कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भाजपा नेताओं शर्मा और शिवराज सिंह चौहान को परामर्श जारी करने के लिए कहें कि वे 'संकीर्ण राजनीति लाभ' के लिए आधिकारिक तंत्र का दुरुपयोग कर राज्य में सांप्रदायिक तनाव न 'भड़काएं'। 

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