Edited By Khushi, Updated: 13 Mar, 2026 04:55 PM

Jharkhand News: गैस आपूर्ति में संभावित बाधा और बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में आंशिक बदलाव किया है। साथ ही ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग और सब्सिडी भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
Jharkhand News: गैस आपूर्ति में संभावित बाधा और बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में आंशिक बदलाव किया है। साथ ही ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की बुकिंग और सब्सिडी भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
ई-KYC नहीं तो Booking और सब्सिडी बंद
केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग व्यवस्था में कुछ बदलाव किए हैं। नए नियमों के अनुसार अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही गैस सिलेंडर की नई बुकिंग की जा सकेगी। बुकिंग करने के दो से तीन दिन के भीतर गैस की आपूर्ति कर दी जाएगी। इसके लिए गैस कंपनियों के सॉफ्टवेयर में भी जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनकी गैस बुकिंग बंद कर दी गई है और सब्सिडी भी रोक दी गई है। हालांकि ई-केवाईसी की प्रक्रिया अभी भी जारी है। जो उपभोक्ता ई-केवाईसी करा लेंगे, वे पहले की तरह गैस सिलेंडर बुक कर सकेंगे।
जिले में अलग-अलग कंपनियों की कुल 14 गैस एजेंसियां काम कर रही हैं, जिनमें से आठ ग्रामीण वितरक हैं। इन एजेंसियों से जुड़े ग्रामीण उपभोक्ता अब 45 दिन बाद ही सिलेंडर बुक करा पाएंगे। जिले में करीब 2 लाख 60 हजार एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें लगभग 1 लाख 87 हजार उज्ज्वला योजना के कनेक्शनधारी हैं, जबकि करीब 73 हजार सामान्य कनेक्शन वाले उपभोक्ता हैं। उज्ज्वला योजना के कनेक्शनधारकों में ई-केवाईसी की रफ्तार अभी काफी धीमी है। फिलहाल उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में सात सिलेंडर पर सब्सिडी मिलती है, जबकि सामान्य कनेक्शन वालों को नौ सिलेंडर पर सब्सिडी दी जाती है। उज्ज्वला कनेक्शनधारकों को प्रति सिलेंडर 337 रुपये और सामान्य कनेक्शन वालों को 37 रुपये की सब्सिडी मिलती है।
सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्रवाई
जानकारों के मुताबिक फिलहाल गैस की वास्तविक कमी नहीं है और प्लांट में सामान्य दिनों की तरह ही गैस की बॉटलिंग हो रही है। युद्ध की आशंका के कारण लोगों ने पहले से ही गैस सिलेंडर जमा करना शुरू कर दिया, जिससे अस्थायी समस्या पैदा हुई। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही ई-केवाईसी करा लिया है, उनकी बुकिंग सामान्य रूप से हो रही है। इस बीच कुछ लोग स्थिति का फायदा उठाकर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी कर रहे हैं। शुक्रवार को कुछ जगहों पर गैस सिलेंडर 1500 रुपये तक में बेचे जाने की जानकारी मिली है। प्रशासन ऐसे लोगों पर नजर रख रहा है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा, कमर्शियल गैस की आपूर्ति बंद होने के बाद कुछ होटल और रेस्टोरेंट संचालकों द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करने की भी शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों में भी प्रशासन कार्रवाई करेगा।