इस ब्लड ग्रुप वालों को लिवर की बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा, इस ब्लड टाइप वालों में रिस्क कम; स्टडी में बड़ा खुलासा

Edited By Ramanjot, Updated: 22 Feb, 2026 05:33 PM

this blood group are at highest risk of liver disease major study reveals

एक नई स्टडी के अनुसार, ब्लड ग्रुप और लिवर की सेहत के बीच गहरा संबंध है। शोध में पाया गया कि ब्लड ग्रुप A वाले लोगों में 'ऑटोइम्यून लिवर डिजीज' का खतरा सबसे अधिक होता है, जहां इम्यून सिस्टम खुद लिवर को नुकसान पहुंचाता है। वहीं, ब्लड ग्रुप B वालों में...

Blood Group and Liver Disease: अब तक हम ब्लड ग्रुप का उपयोग केवल रक्तदान या इमरजेंसी के समय सही डोनर की पहचान के लिए करते आए हैं। लेकिन चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में हुई एक नई रिसर्च ने सबको चौंका दिया है। शोध के अनुसार, आपके शरीर में दौड़ रहा खून सिर्फ आपकी रगों का हाल ही नहीं बताता, बल्कि यह आपके लिवर (Liver) के भविष्य का आईना भी हो सकता है। 

रिसर्च में दावा किया गया है कि व्यक्ति का ब्लड ग्रुप यह निर्धारित करने में भूमिका निभा सकता है कि उसे भविष्य में लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कितना जोखिम है। 

ब्लड ग्रुप 'A' वालों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत 
रिसर्च के सबसे चौंकाने वाले आंकड़ों में ब्लड ग्रुप A का जिक्र किया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों में ऑटोइम्यून लिवर डिजीज (Autoimmune Liver Disease) का खतरा अन्य के मुकाबले अधिक पाया गया है। 

क्या है ऑटोइम्यून लिवर डिजीज? 
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का रक्षा तंत्र (Immune System) गलती से लिवर की स्वस्थ कोशिकाओं को ही अपना दुश्मन मानकर उन पर हमला करने लगता है। अगर समय रहते इसे न पहचाना जाए, तो यह लिवर डैमेज और अंततः 'लिवर फेल्योर' का कारण बन सकता है। 

ब्लड ग्रुप 'B' वालों के लिए राहत की खबर
जहां ग्रुप 'A' के लिए चेतावनी दी गई है, वहीं ब्लड ग्रुप B वाले लोगों के लिए यह स्टडी सुकून देने वाली है। शोधकर्ताओं ने पाया कि इस ग्रुप के लोगों में लिवर से जुड़ी गंभीर और पुरानी बीमारियों के विकसित होने की संभावना काफी कम होती है। सांख्यिकीय रूप से, इनका लिवर अन्य ब्लड ग्रुप्स की तुलना में अधिक सुरक्षित पाया गया। 

क्या है इसके पीछे का विज्ञान? 
वैज्ञानिक लंबे समय से रक्त के प्रकार और बीमारियों के संबंध की गुत्थी सुलझाने में लगे हैं। इस रिसर्च में दो मुख्य बिंदु सामने आए हैं: 

क्लॉटिंग फैक्टर्स: 'नॉन-ओ' (Non-O) ब्लड ग्रुप जैसे A, B और AB में खून के थक्के जमाने वाले कारक अधिक सक्रिय होते हैं। 

प्रोटीन का स्तर: इन ब्लड ग्रुप्स में 'वॉन विलेब्रांड फैक्टर' नामक प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो लिवर के भीतर रक्त प्रवाह (Blood Flow) को प्रभावित कर सकता है। 

किन बीमारियों का खतरा है सबसे ज्यादा? 
अध्ययन में मुख्य रूप से दो बीमारियों और ब्लड ग्रुप के बीच सीधा लिंक देखा गया है:  

ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस (AIH): इसमें इम्यून सिस्टम सीधे लिवर सेल्स को नष्ट करता है। 

प्राइमरी बाइलियरी कोलांगाइटिस (PBC): इसमें लिवर की छोटी पित्त नलिकाएं (Bile Ducts) धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं।
 

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