Edited By Ramanjot, Updated: 08 Aug, 2023 11:18 AM

मुकेश सहनी ने विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर सोमवार को जिला के बहादुरपुर प्रखण्ड अन्तर्गत ओझौल पंचायत के मध्य विद्यालय, ओझौल में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सभी तरह की बीमारियों से लड़ने के लिए अगर कोई...
दरभंगा: बिहार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने जन्म के एक घंटे के अन्दर बच्चों को कराए गए स्तनपान अमृत के सामान बताया और कहा कि यह उन सभी टीकाकरण का काम करता है, जो विभिन्न बीमारियों से लड़ने के लिए बच्चों को दिया जाता है।
मुकेश सहनी ने विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर सोमवार को जिला के बहादुरपुर प्रखण्ड अन्तर्गत ओझौल पंचायत के मध्य विद्यालय, ओझौल में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सभी तरह की बीमारियों से लड़ने के लिए अगर कोई एक टीकाकरण है, तो वह सिर्फ मां का दूध है, इसलिए माताओं को अपने बच्चों को निश्चित रूप से स्तनपान कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं में यह भ्रम है कि ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव होने पर ऑपरेशन के समय दिए गए इजेक्शन या दवा के कारण उनका दूध संक्रमित हो जाता है, इसके कारण वैसी मां अपने बच्चों को शीघ्र स्तनपान नहीं कराती है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रसव के समय दिए गए किसी भी इजेक्शन या दवा से मां का दूध प्रभावित नहीं होता है, इसलिए मां को अपने बच्चों को शीघ्र स्तनपान कराना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि 20-25 वर्ष पूर्व से बोतल का दूध पिलाने का प्रचलन चला, लेकिन पिछले 10 साल से पुन: माताओं में स्तनपान कराने का रूझान बढ़ा है, लेकिन अभी भी बिहार में स्तनपान कराने का प्रतिशत् मात्र 31 है। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता के माध्यम से इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत् तक करने का लक्ष्य रखा गया है। भले ही यह कार्यक्रम ओझौल से प्रारंभ हुआ है, लेकिन पूरे बिहार के हर पंचायत में इसे पूरा करना है। इसमें माताओं का सहयोग अपेक्षित है। सहनी ने कहा कि जिला स्तर, प्रखण्ड स्तर एवं पंचायत स्तर के सभी कार्यक्रमों/बैठकों में स्लोगन माँ का दूध सबसे सर्वोत्तम है, शिशु के स्वास्थ्य के लिए का प्रचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वस्थ्य शरीर में स्वस्थ्य मस्तिष्क का वास होता है, उसी तरह स्वस्थ्य माता के गर्भ से ही स्वस्थ्य शिशु का जन्म होता है।