Edited By Ramanjot, Updated: 12 Jan, 2023 04:45 PM

Makar Sankranti: वहीं, तिलकुट की बिक्री भी बड़े पैमाने पर हो रही है, हालांकि महंगाई के कारण तिलकुट की बिक्री पर इसका खासा असर पड़ा है। खोया का तिलकुट 400 रुपए प्रति किलो, गुड़ का तिलकुट 320 रुपए प्रति किलो एवं अन्य तरह के तिलकुट की बिक्री 300 रुपए...
गयाः मकर संक्रांति को लेकर बिहार में गया का बाजार तिलकुट से गुलजार हो गया है। मुख्य रूप से शहर के रमना रोड और टिकारी रोड में तिलकुट की दुकानें सजी हुई हैं, जहां लोग बड़े पैमाने पर खरीददारी कर रहे हैं। वैसे तो गया शहर में सालों भर तिलकुट का व्यवसाय होता है लेकिन मकर संक्रांति के दिन तिलकुट खाने और दान करने की पौराणिक परंपरा है। इसे लेकर शहरवासी बड़े पैमाने पर तिलकुट की खरीददारी कर रहे हैं। टिकारी रोड और रमना रोड मुहल्ला स्थित तिलकुट की दुकानों पर खरीददारों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।

लोग बढ़-चढ़कर कर रहे तिलकुट की खरीददारी
वहीं, तिलकुट की बिक्री भी बड़े पैमाने पर हो रही है, हालांकि महंगाई के कारण तिलकुट की बिक्री पर इसका खासा असर पड़ा है। खोया का तिलकुट 400 रुपए प्रति किलो, गुड़ का तिलकुट 320 रुपए प्रति किलो एवं अन्य तरह के तिलकुट की बिक्री 300 रुपए प्रति किलो की दर से हो रही है। इसके बावजूद लोग बढ़-चढ़कर तिलकुट की खरीददारी कर रहे हैं। चारों ओर तिलकुट कूटने की धम-धम की आवाज और तिल भूंजने की सोंधी महक से गया शहर का खुशबूदार हो गया है। नवंबर से लेकर फरवरी के बसंत पंचमी तक गया शहर में तिलकुट का कारोबार परवान पर होता है। एक आंकड़े के अनुसार, नवंबर से फरवरी तक इन चार महीनों में तिलकुट का व्यापार लगभग 50 करोड़ रुपए का होता है।

गया में बनाए जाते हैं कई प्रकार के तिलकुट
तिलकुट बनाने वाले दुकानदार श्रीनंदन कुमार गुप्ता ने बताया की गया की जलवायु तिलकुट निर्माण के लिए उपयुक्त मानी जाती है। यही वजह है कि गया में निर्मित तिलकुट का स्वाद अन्य जगहों पर बनने वाले तिलकुट से अलग होता है। वैसे तो अब तिलकुट का निर्माण गया के अलावा देश के अन्य राज्यों एवं शहरों में किया जाने लगा है लेकिन गया की आबो-हवा में निर्मित तिलकुट का स्वाद निराला होता है। गया में तिलकुट कई प्रकार के बनाए जाते हैं जैसे खोवा का तिलकुट, गुड़ का तिलकुट, ड्राई फूड का तिलकुट, चीनी का तिलकुट। इसके अलावा तिल से भी कई व्यंजन बनाए जाते हैं जैसे तिलवा, तिल पापड़ी, रेवड़ी मस्का, बादाम पट्टी आदि।