"E-KYC के नाम पर PM किसान सम्मान योजना के लाभार्थियों को किया जा रहा वंचित", CPI ने कहा- यह एक दिखावा है....

Edited By Swati Sharma, Updated: 09 Jan, 2026 04:12 PM

government is depriving beneficiaries of the pm kisan scheme in the name of ekyc

PM Kisan Yojna E-KYC: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्य सचिव राम नरेश पाण्डेय (Naresh Pandey) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ई केवाईसी के नाम पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना (PM Kisan Yojna) के लाभार्थियों को वंचित कर रही है। पाण्डेय ने आज...

PM Kisan Yojna E-KYC: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्य सचिव राम नरेश पाण्डेय (Naresh Pandey) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ई केवाईसी के नाम पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना (PM Kisan Yojna) के लाभार्थियों को वंचित कर रही है। पाण्डेय ने आज बयान जारी कर कहा कि सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लाभार्थियों को ई केवाईसी और किसान निबंध के नाम पर परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रजिस्टर टू में खाता और खेसरा चढ़ा नहीं है। इस आधार पर पीएम किसान योजना के लाभार्थियों को योजना से वंचित किया जा रहा है।

रजिस्टर टू में रैयत के नाम और पिता के नाम में भी त्रुटि- CPI

भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि रजिस्टर टू और जमाबंदी को कम्प्यूटरीकृत नहीं किया गया है। अभी भी ऑन लाइन रजिस्टर टू और जमाबन्दी में कई विसंगतियां है। उन्होंने कहा कि रजिस्टर टू में रैयत के नाम और पिता के नाम में भी त्रुटि है। रजिस्टर टू और जमाबंदी में खाता खेसरा नंबर नहीं चढ़ा है। इसे दुरुस्त किया जाए। जमाबन्दी में खेसरा नंबर नहीं चढ़ा है। रजिस्टर टू और जमाबंदी को दुरुस्त किया जाए। हदबंदी से फाजिल जमीन रखने वाले भू स्वामी, गैर मजरुआ आम, गैर मजरुआ खास और गैर मजरुआ मालिक जमीन पर सुयोग्य श्रेणी के भूमिहीन, जो वर्षों से जमीन जोत रहे हैं या बसे हुए हैं, उन्हें मालिकाना हक दिया जाए। उन्होंने कहा कि माल गुजारी की रसीद में जमाबंदी संख्या गलत लिखा जाता है या कई बार नहीं भी लिखा जाता है।

'ऑनलाइन एक दिखावा है और....'

नरेश पाण्डेय (Naresh Pandey) ने आरोप लगाया कि कि परिमार्जन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर कोई जबाब नहीं दिया जाता है। सच्चाई तो यह है कि ऑनलाइन एक दिखावा है और बिना बिचौलियों से कोई कार्य नहीं होता है। सब गड़बड़ है लेकिन राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री स्वत: अपनी पीठ थपथपाते रहते हैं । भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि विभिन्न प्रकार की जमीन पर गरीब 50 वर्षों से बसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वैसे भूमिहीन जो जिस किस्म की जमीन पर वर्षों से बसे हुए हैं, उन्हें उस जमीन का मालिकाना हक दिया जाय और उसके नाम से खाता खोला जाय। उन्होंने कहा कि भू-हदबंदी से फाजिल जमीन पर जिन बटाईदारों को बटाई का पर्चा मिला हुआ है, उसके नाम पर उक्त भूमि का खाता खोला जाये। इसके बाद किसानों का निबंधन किया जाए। जब तक ररिस्टर टू दुरुस्त नहीं किया जाता है, उस पर खाता खेसरा नहीं चढ़ाया जाता तब तक पीएम किसान योजना के ई केवाईसी पर तत्काल रोक लगाई जाए और किसानों को पूर्व की भांति राशि का भुगतान किया जाए। 

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