“तुम पढ़ो, मैं कमाऊंगी” – इस वादे ने बनवाया ASO, झारखंड की सबसे खूबसूरत सक्सेस स्टोरी

Edited By Ramanjot, Updated: 11 Dec, 2025 03:30 PM

jssc aso success story 2025

झारखंड के गढ़वा जिले के छोटे से गांव छप्परदग्गा में 8 दिसंबर 2025 को खुशी की लहर दौड़ गई। अनिल कुमार चौधरी ने झारखंड कर्मचारी ....

JSSC ASO Success Story 2025: झारखंड के गढ़वा जिले के छोटे से गांव छप्परदग्गा में 8 दिसंबर 2025 को खुशी की लहर दौड़ गई। अनिल कुमार चौधरी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कठिन परीक्षा पास कर सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) बनने का गौरव हासिल किया। 8 साल के लंबे संघर्ष के बाद आई यह सफलता सिर्फ अनिल की नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की जीत है – खासकर उनकी पत्नी की, जिन्होंने खुद नौकरी करते हुए घर-परिवार की सारी जिम्मेदारी उठाई और अनिल को बेफिक्र होकर पढ़ने की आजादी दी।

पत्नी का वादा बना सबसे बड़ी ताकत

2022 में शादी के बाद अनिल की पत्नी (जो खुद पंचायत सचिव हैं) ने उनसे साफ कहा – “आप सिर्फ पढ़ाई पर फोकस करो, घर-गृहस्थी और पैसों की चिंता मैं संभाल लूंगी।” यह भरोसा ही अनिल के लिए सबसे बड़ा मोटिवेशन बना। पत्नी की नौकरी से घर चलता रहा और अनिल बिना किसी आर्थिक दबाव के बिना तैयारी करते रहे।

किसान पिता ब्रह्मदेव चौधरी ने भी कभी पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। घर की माली हालत भले ही कमजोर रही, लेकिन बेटे के सपने को पूरा करने के लिए हर संभव कोशिश की।

दो बार JPSC में चूके, फिर भी नहीं मानी हार

2017 से अनिल ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। पटना जाकर कोचिंग भी की। दो बार झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में महज कुछ अंकों से रह गए, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार 8 साल की जद्दोजहद के बाद JSSC ASO में सफलता मिली। पिता ब्रह्मदेव गर्व से कहते हैं, “हमारे खानदान में पहली सरकारी नौकरी आई है।”
गांव वाले अब अनिल को मिसाल मान रहे हैं। उनका कहना है – “परिवार का साथ और मेहनत हो तो कोई भी मुश्किल मंजिल नामुमकिन नहीं।”

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