भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पटना में कुषाण काल की मानी जा रही ईंट की दीवारों का पता लगाया

Edited By PTI News Agency, Updated: 04 Jun, 2022 03:54 PM

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पटना, चार जून (भाषा) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने यहां कुम्हरार इलाके में एक तालाब के पुनर्जीवन कार्य के दौरान खुदाई में ईंट की दीवारों के अवशेष का पता लगाया है, जिसके बारे में अधिकारियों का मानना है कि यह कम से कम 2,000 साल पुराना...

पटना, चार जून (भाषा) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने यहां कुम्हरार इलाके में एक तालाब के पुनर्जीवन कार्य के दौरान खुदाई में ईंट की दीवारों के अवशेष का पता लगाया है, जिसके बारे में अधिकारियों का मानना है कि यह कम से कम 2,000 साल पुराना होगा।
एएसआई-पटना क्षेत्र की अधीक्षण पुरातत्वविज्ञानी गौतमी भट्टाचार्य ने कहा कि अधिकारियों ने पटना रेलवे स्टेशन से छह किमी की दूरी पर कुम्हरार में बृहस्पतिवार को जारी खुदाई कार्य के दौरान दीवारों के अवशेष का पता लगाया।
उल्लेखनीय है कि कुम्हरार में पूर्व में मौर्य सम्राज्य के अवशेष प्राप्त हुए थे।
भट्टाचार्य ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘एएसआई केंद्र की मिशन अमृत सरोवर पहल के तहत संरक्षित तालाब का पुनर्जीवन कर रहा है। तालाब के अंदर मौजूद ईंट की दीवारों के रूप में महत्वपूर्ण अवशेष मिले हैं। एएसआई विशेषज्ञों की एक टीम दीवारों के पुरातात्विक महत्व का विश्लेषण कर रही है। ’’
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि ये ईंट कुषाण काल की हैं लेकिन विस्तृत विश्लेषण के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि कुषाण शासकों ने लगभग 30 ई. से लेकर करीब 375 ई. तक उत्तर भारत महाद्वीप, अफगानिस्तान और मध्य एशिया के ज्यादातर हिस्सों पर शासन किया था।
भट्टाचार्य ने बताया, ‘‘हमने ईंट की दीवारें मिलने के बारे में नयी दिल्ली स्थित एएसआई मुख्यालय को भी जानकारी दी है। ’’
एएसआई-पटना केंद्र की मिशन अमृत सरोवर पहल के तहत बिहार में सभी 11 संरक्षित जलाशयों का पुनर्जीवन कर रहा है।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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