थाने के अंदर महिला से हैवानियत: चंपई सोरेन बोले– "यह राज्य में जंगलराज की सबसे घिनौनी तस्वीर"

Edited By Ramanjot, Updated: 02 Nov, 2026 10:53 AM

attack on jharkhand government by champai soren

सोरेन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि एक महिला न्याय की उम्मीद में पुलिस के पास गई थी, लेकिन आधी रात को उसके साथ बलात्कार किया गया। उन्होंने लिखा कि महिला ने मदद के लिए पुलिस को फोन किया था, जिसके बाद उसे नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना किसी...

जमशेदपुर: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने सरायकेला-खरसावां जिले में एक पुलिस थाने के भीतर महिला के साथ दुष्कर्म की कथित घटना को रविवार को "राज्य में जंगल राज की सबसे घिनौनी तस्वीर" करार दिया। आरोपी पुलिसकर्मी नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि गम्हरिया थाने के प्रभारी संजय प्रसाद समेत पांच पुलिसकर्मियों को कर्तव्य में लापरवाही और कोताही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। 

सोरेन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि एक महिला न्याय की उम्मीद में पुलिस के पास गई थी, लेकिन आधी रात को उसके साथ बलात्कार किया गया। उन्होंने लिखा कि महिला ने मदद के लिए पुलिस को फोन किया था, जिसके बाद उसे नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना किसी महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी के थाने लाया गया। बताया जा रहा है कि 29 अक्टूबर को महिला किसी घरेलू मामले पर पति के साथ बहस होने के बाद अपने पड़ोसी के घर चली गई। उसे डर था कि अगर वह रात में घर वापस गई, तो उसका पति उसके साथ मारपीट करेगा, इसलिए उसने पड़ोसी से कहा कि वह उसे प्रताड़ित करने के लिए उसके पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए। 

बताया जा रहा है कि उस दिन आधी रात के आसपास एक पीसीआर वैन गांव पहुंची और महिला को थाने ले गई, जहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उसे आराम करने के लिए एक कमरा दे दिया। आरोप है कि लाकड़ा कमरे में पहुंचा और महिला के साथ दुष्कर्म किया। सोरेन ने कहा कि पुलिस का काम जनता की रक्षा करना है, लेकिन जब थाने के भीतर ही किसी पर हमला हो, तो शिकायतकर्ता कहां जाए? उन्होंने सवाल किया कि बाद में जब मामला तूल पकड़ने लगा, तो थाना प्रभारी और कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया, लेकिन क्या इससे कुछ बदलेगा? 

'पुलिस प्रशासन की छवि पर लगा दाग'
सोरेन ने शनिवार को मांग की थी कि जो पुलिसकर्मी रक्षक से भक्षक बन गए, उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए और वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना ने पुलिस प्रशासन की छवि पर जो दाग लगाया है, वह लंबे समय तक दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि अब कोई भी महिला शिकायतकर्ता किसी थाने में जाने से पहले, शिकायत दर्ज कराने के बजाय अपनी सुरक्षा के बारे में ज्यादा सोचेगी। 

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