यूरिया वितरण में शामिल सहकारी समितिया और मजबूत होंगी: कृषि मंत्री

Edited By Diksha kanojia, Updated: 15 Sep, 2020 01:17 PM

cooperative societies involved in urea distribution will be stronger

झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने सोमवार को यूरिया वितरण में शामिल सहकारी समितियों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

रांचीः झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने सोमवार को यूरिया वितरण में शामिल सहकारी समितियों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है। बादल ने पलामू और हजारीबाग प्रमंडल के सभी जिले के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में कहा कि यूरिया के वितरण से जुड़ी लैंप्स-पैक्स और अन्य सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार प्रत्येक चयनित सहकारी समिति को पांच लाख रुपए तक की कार्यशील पूंजी प्रखंड स्तर पर देगी।

कृषि मंत्री कहा कि पंचायत स्तर पर डेढ़ से दो लाख रुपए तक की कार्यशील पूंजी अलग से दी जाएगी ताकि यूरिया वितरण में 50 प्रतिशत सहकारिता समितियों की सहभागिता के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि यूरिया के खुदरा एवं थोक व्यापारियों की मनमानी और निर्धारित कीमत से ज्यादा की राशि वसूलने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं जो एक चिंतनीय विषय है। यूरिया के बड़े रिटेलर्स की शिकायतें विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रही हैं कि किसानों को यूरिया ज्यादा कीमत पर देने के साथ साथ नॉन सब्सिडाईज्ड जैसे, कैल्शियम, जिंक आदि सामान को साथ बेचा जा रहा है जिससे किसान आहत हैं।

बादल ने मामले में कई विधायकों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए संबंधित जिला के उपायुक्तों को जांच करने के आदेश दिए। साथ ही खाद के ऐसे थोक विक्रेताओं पर कारर्वाई करने के निदेश दिया है जो निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत पर यूरिया की बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूरिया का कालाबाजारी को रोकने के लिए इंफोर्समेंट मैकेनिज्म तैयार करें साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए। वहीं, पैक्स की आड़ में कोई भी व्यापारी यूरिया की कालाबाजारी का फायदा नही उठाए, इसका खयाल रखते हुए कारर्वाही करें।

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