शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकार नियमों की अनदेखी कर रही: बाबूलाल मरांडी

Edited By Khushi, Updated: 09 Feb, 2026 05:19 PM

despite the code of conduct being in effect in urban areas the government

Ranchi News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ा निशाना साधा है। मरांडी ने आज अपने सोशल मीडिया पर लिखा, पिछले छह वर्षों में हेमंत सरकार ने झारखंड के शहरी क्षेत्रों की स्थिति को...

Ranchi News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ा निशाना साधा है। मरांडी ने आज अपने सोशल मीडिया पर लिखा, पिछले छह वर्षों में हेमंत सरकार ने झारखंड के शहरी क्षेत्रों की स्थिति को बदतर बना दिया है।      

"यह सरकार की नीयत और नाकामी दोनों को उजागर करता है"
राज्य के 15 नगर निकायों का कार्यकाल 2020 में और शेष नगर निकायों का कार्यकाल 2023 में समाप्त हो गया, लेकिन समय पर चुनाव कराने के बजाय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासकों के माध्यम से शहरी निकायों को चलाया। इस दौरान भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का एक पूरा तंत्र खड़ा किया गया। साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसे कार्यों के ठेके झामुमो से जुड़े लोगों को देकर शहरी विकास के नाम पर जमकर लूट की गई और शहरी जनता को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रखा गया। अदालत की बार-बार की फटकार के बाद सरकार दबाव में आकर चुनाव कराने को मजबूर हुई है। यह सरकार की नीयत और नाकामी दोनों को उजागर करता है।

"हेमंत सोरेन सरकार को न सिर्फ भ्रष्टाचार का हिसाब देना होगा, बल्कि..."
मरांडी ने कहा कि हर चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करना और चुनाव खत्म होते ही उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देना हेमंत सरकार की पहचान बन चुकी है। शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकार नियमों की अनदेखी कर रही है। शहरी जनता सब कुछ देख और समझ रही है। हेमंत सोरेन सरकार को न सिर्फ भ्रष्टाचार का हिसाब देना होगा, बल्कि शहरी नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या का जवाब भी देना पड़ेगा।

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