चाईबासा में पांच बच्चों को चढ़ा दिया था HIV संक्रमित ब्लड, हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई कार्रवाई

Edited By Khushi, Updated: 08 Feb, 2026 10:52 AM

five children in chaibasa were given hiv infected blood action was taken after

Chaibasa News: पश्चिम सिंहभूम जिले में बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के कथित मामले में उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद शुक्रवार को चाईबासा सदर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। ह्यूमन इम्यूनो डिफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) से संक्रमित व्यक्ति...

Chaibasa News: पश्चिम सिंहभूम जिले में बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के कथित मामले में उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद शुक्रवार को चाईबासा सदर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। ह्यूमन इम्यूनो डिफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) से संक्रमित व्यक्ति में प्रतिरक्षा क्षमता क्षीण हो जाती है और व्यक्ति एड्स जैसी लाइलाज बीमारी की चपेट में आ जाता है।

चाईबासा सदर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी तरुण कुमार ने शनिवार को बताया कि पीड़ित बच्चों में शामिल पश्चिम सिंहभूम के हटगमहरिया निवासी एक बच्चे के पिता ने शुक्रवार देर शाम चाईबासा सदर अस्पताल के रक्त बैंक के निलंबित लैब तकनीशियन मनोज कुमार के खिलाफ कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस अधिकारी ने कहा, ''हम आरोप की जांच कर रहे हैं और मनोज कुमार से पूछताछ कर रहे हैं, जो घटना के समय रक्त बैंक का तकनीशियन था, लेकिन अब निलंबित हैं। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।'' अक्टूबर 2025 में सामने आई इस घटना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। उच्च न्यायालय ने बुधवार को चाईबासा सदर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी को प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इससे पहले अदालत की एक खंडपीठ ने झारखंड में पांच बच्चों में एचआईवी संक्रमण के कथित मामलों में रक्त चढ़ाने के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया का पालन न किये जाने के लिए राज्य सरकार को फटकार लगाई थी।

मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह को फटकार लगाई थी। यह फटकार चाईबासा जिले के पांच बच्चों में रक्त चढ़ाए जाने के बाद उन्हें एचआईवी संक्रमित पाए जाने की खबरों के बाद लगाई गई थी। ये बच्चे थैलेसीमिया के मरीज थे और चाईबासा के सदर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे थे, जहां उन्हें रक्त चढ़ाया गया था। झारखंड सरकार ने 26 अक्टूबर को इस घटना के संबंध में पश्चिम सिंहभूम के तत्कालीन सिविल सर्जन और कुछ अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। घटना के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की।

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