मोबाइल नेटवर्क के लिए संघर्ष कर रहे झारखंड के लोग! सिग्नल के लिए चढ़ते हैं पहाड़ पर, अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर

Edited By Khushi, Updated: 02 Apr, 2026 03:21 PM

people of jharkhand struggling for mobile network forced to climb mountains for

Jharkhand News: देश में 5G और डिजिटल क्रांति की चर्चा हो रही है, लेकिन झारखंड के चतरा जिले के कई गांव आज भी बुनियादी मोबाइल नेटवर्क के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यहां के लोग साधारण फोन कॉल करने के लिए भी पेड़ों और पहाड़ों पर चढ़ते हैं।

Jharkhand News: देश में 5G और डिजिटल क्रांति की चर्चा हो रही है, लेकिन झारखंड के चतरा जिले के कई गांव आज भी बुनियादी मोबाइल नेटवर्क के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यहां के लोग साधारण फोन कॉल करने के लिए भी पेड़ों और पहाड़ों पर चढ़ते हैं।

ऊंचाई पर खड़े रहकर सिग्नल आने का इंतजार करते हैं लोग 
जिले के कुंदा प्रखंड के 78 गांवों में से करीब 30 गांव अभी भी ‘डिजिटल ब्लैकआउट’ का सामना कर रहे हैं। वहीं, प्रतापपुर और लावालौंग प्रखंड के कई इलाके में मोबाइल नेटवर्क लगभग नहीं के बराबर है। ग्रामीण बताते हैं कि सिग्नल पाने के लिए उन्हें ऊंचाई पर जाना पड़ता है। आपातकाल में मदद मांगने या परिजनों से बात करने के लिए लोग अपनी जान जोखिम में डालते हैं। कई बार घंटों तक ऊंचाई पर खड़े रहकर सिग्नल आने का इंतजार करना पड़ता है।

सरकारी स्कूल में डिजिटल शिक्षा पूरी तरह ठप
इस नेटवर्क की समस्या का सबसे ज्यादा असर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। प्रतापपुर प्रखंड के बामी गांव के एक सरकारी स्कूल में डिजिटल शिक्षा पूरी तरह ठप है। यहां के सहायक शिक्षक को ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने के लिए रोजाना पहाड़ पर जाना पड़ता है। अगर सिग्नल मिल गया तो उपस्थिति दर्ज होती है, नहीं तो छात्रों को गैरहाजिर माना जाता है।

इन इलाकों में BSNL के टावर मौजूद हैं, लेकिन...
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और भी गंभीर है। गांव में किसी के बीमार पड़ने पर एंबुलेंस बुलाना मुश्किल हो जाता है। फोन करने के लिए ऊंचाई पर जाना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज मिलना मुश्किल होता है। आश्चर्य की बात यह है कि इन इलाकों में BSNL के टावर मौजूद हैं, लेकिन तकनीकी खामियों और कमजोर नेटवर्क की वजह से इनसे कोई फायदा नहीं हो पा रहा। अब सवाल यह उठता है कि जब देश डिजिटल इंडिया की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तो चतरा के ये गांव कब तक इस विकास से जुड़ पाएंगे और लोग नेटवर्क के लिए पेड़ों और पहाड़ों का सहारा कब तक लेते रहेंगे।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!