झारखंड सरकार विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रयत्नशील: कांग्रेस

Edited By Diksha kanojia, Updated: 25 Jan, 2022 11:50 AM

jharkhand government is trying to bring development plans on the ground

यादव सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य की गठबंधन सरकार विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में जुटी है। विकास योजनाओं को स्वीकृति देकर जमीन पर उतारने का बेहतरीन प्रयास किया है। जो लोगों ने कभी सपनों में भी नहीं सोचा होगा।

 

दुमकाः झारखंड विधानसभा सभा में कांग्रेस विधायक दल के उप नेता और पूर्व मंत्री प्रदीप यादव ने सोमवार को कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की गठबंधन सरकार कोराना संक्रमण पर नियंत्रण रखने के साथ तेजी से विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में जुटी है।

यादव सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य की गठबंधन सरकार विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में जुटी है। विकास योजनाओं को स्वीकृति देकर जमीन पर उतारने का बेहतरीन प्रयास किया है। जो लोगों ने कभी सपनों में भी नहीं सोचा होगा। उस तरह की योजनाएं पर तेजी से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस प्रयास की वजह से संताल परगना के दुमका जिले में अवस्थित मसानजोर डैम के पानी से सिंचाई के साथ आमलोगों को पाईप लाईन के जरिए घर- घर शुद्ध पेयजल तथा गोड्डा के साथ दुमका जिले के सरैयाहाट एवं जरमुंडी प्रखंड क्षेत्र में प्रत्येक घर में पेयजल की आपूर्ति की जायेगी। कांग्रेस नेता ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार पिछले 7-8 साल के शासन काल में लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट कर दिया है।

स्वामी विवेकानंद और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा को कुंठित करने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों के विपरीत देश की एकता, अखंडता और धर्मनिरपेक्षता पर प्रहार किया जा रहा। भाजपा का विकास से कोई वास्ता नहीं है बल्कि वोट बैंक के लिए धार्मिक मतभेद उभारने का प्रयास कर रही है। इसलिए देश की एकता,अखंडता के साथ अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा के लिए राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस ही एक मात्र विकल्प है।

यादव ने झामुमो के कुछ नेताओं द्वारा अंगिका भाषा का विरोध किये जाने के संबंध में पूछने पर कहा कि सभी लोगों को अभिव्यक्ति की आजादी प्राप्त है। किसी दल के एक व्यक्ति के विचार को पूरे नेतृत्व का विचार नहीं माना जा सकता है लेकिन राज्य सरकार ने संताल परगना के विभिन्न जिलों में बोली जाने वाली अंगिका और खोरठा भाषा को जिला स्तर की नियुक्तियां में मान्यता देकर सराहनीय एवं स्वागत योग्य निर्णय लिया है जिसका सभी को स्वागत करना चाहिए।
 

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