देश की अर्थव्यवस्था अत्यंत चिंताजनक हालत में पहुंच चुकी है: कांग्रेस

Edited By Diksha kanojia, Updated: 15 May, 2022 08:52 AM

the country s economy has reached a critical condition congress

सिन्हा ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने कांग्रेस शासित राज्यों से दूरी बना लिए है, जिससे केंद्र और राज्य के बीच परस्पर विश्वास पूरी तरह से टूट चुका है और देश के आर्थिक हालत बहुत खराब हो गये हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और बेरोजगारी...

 

रांचीः झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की प्रवक्ता आभा सिन्हा ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था अत्यंत चिंताजनक हालत में पहुंच चुकी है और इससे विकास की गति थम गई है तथा चारों तरफ महंगाई एवं बेरोजगारी का माहौल व्याप्त हो चुका है।

सिन्हा ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने कांग्रेस शासित राज्यों से दूरी बना लिए है, जिससे केंद्र और राज्य के बीच परस्पर विश्वास पूरी तरह से टूट चुका है और देश के आर्थिक हालत बहुत खराब हो गये हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि उसे पटरी पर लाने के लिए नए सिरे से काम करने की जरूरत है। उनका कहना है कि सरकार आर्थिक हालत सुधारने के लिए विपक्ष को साथ लेकर चलने को तैयार नहीं है, लेकिन कांग्रेस अपने सुझाओं के साथ अर्थव्यवस्था में सुधार तथा लोगो को बदहाली की तरफ जाने से बचाने के लिए सरकार को हर स्तर पर सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल के दौरान देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर लगातार घट रही है, महंगाई अभूतपूर्व तरीके से बढ़ रही है और सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई आसमान छू रही है।

सरकार आर्थिक सुधारों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है, जिससे अर्थव्यवस्था की सेहत लगातार बिगड़ रही है। देश में श्रमिक शक्ति हिस्सेदारी की दर ऐतिहासिक रूप से गिरकर 40.38 प्रतिशत के निचले स्तर पर है, जबकि बेरोजगारी की दर 7.83 प्रतिशत पर पहुंच गई है। पिछले सात माह के दौरान 22 अरब डॉलर देश से बाहर गए हैं और डॉलर के मुकाबले रुपया 77.48 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। सिन्हा ने कहा कि आर्थिक स्तर पर देश की जो स्थिति है, उसमें सुधार लाने के लिए आर्थिक नीतियों पर नए सिरे से काम करने की जरूरत है। देश में गरीबी तेजी से बढ़ी है और वैश्विक भुखमरी के सूचकांक में भारत 116 देशों में 101 वें स्थान पर पहुंच गया है।

देश के आर्थिक हालातों में सुधार लाने के लिए आर्थिक नीतियों में जलवायु परिवर्तन तथा बदली परिस्थितियों के अनुसार नए सिरे से काम करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से लगातार देश की जीडीपी ग्रोथ रेट में गिरावट आई है। 1947 के बाद से ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आंकड़ों को कोई झुठला नहीं सकता। वित्त वर्ष 2016-17 में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.2 फीसदी, 2017-18 में यह 7.2 फीसदी, 2018-19 में 6.1 फीसदी, 2019-20 में 4.2 फीसदी और 2020-21 में -7.3 फीसदी रही। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि देश का विकास किसी ओर जा रहा है। विनय

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