Edited By Ramanjot, Updated: 16 Feb, 2026 09:50 PM

बिहार सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एक-एक आदर्श माध्यमिक विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है।
पटना: बिहार सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एक-एक आदर्श माध्यमिक विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन स्कूलों में कक्षा 9 से ही छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के साथ-साथ ओलंपियाड स्तर की प्रतियोगिताओं की व्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ये विद्यालय पूर्ण रूप से संचालित होंगे, जबकि कक्षाएं 1 अप्रैल 2026 से शुरू करने की तैयारी है।
11 मार्च को प्रवेश परीक्षा
इन मॉडल स्कूलों में दाखिले के लिए State Council of Educational Research and Training Bihar (SCERT) ने 11 मार्च 2026 को प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है।
- चयन मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा
- हर प्रखंड स्तर पर अलग मॉडल स्कूल में नामांकन
- पात्रता: वर्तमान में कक्षा 8 में अध्ययनरत छात्र या समकक्ष
आवेदन की तारीख बढ़ी
पहले ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 तय की गई थी। कम समय और तकनीकी कारणों से कई छात्र आवेदन नहीं कर पाए थे। इसे देखते हुए आवेदन की नई अंतिम तिथि 20 फरवरी 2026 कर दी गई है। इच्छुक विद्यार्थी अब निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया कैसे पूरी करें?
- आधिकारिक वेबसाइट scert.bihar.gov.in पर जाएं
- ऑनलाइन आवेदन लिंक पर क्लिक करें
- रजिस्ट्रेशन कर फॉर्म भरें
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन सबमिट कर पुष्टि सुरक्षित रखें
मॉडल स्कूलों में क्या होगा खास?
इन विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:
- स्मार्ट क्लासरूम
- आधुनिक पुस्तकालय
- अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं
- नियमित टेस्ट सीरीज और प्रदर्शन विश्लेषण
- डाउट क्लियरिंग सेशन
- कैरियर काउंसलिंग
- अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
- अनुशासित एवं प्रेरक शैक्षणिक माहौल
ग्रामीण छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी महानगरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं मिलें। इससे राज्य के छात्रों को NEET, JEE और अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। यह पहल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार और प्रतिभा को निखारने की दिशा में अहम मानी जा रही है।