Edited By Ramanjot, Updated: 20 Feb, 2026 07:29 PM

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिला से एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है। करीब 13-14 साल पहले परिवार से बिछड़ा एक मासूम अब युवा बनकर अपने घर लौटने की तैयारी में है।
रांची: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिला से एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है। करीब 13-14 साल पहले परिवार से बिछड़ा एक मासूम अब युवा बनकर अपने घर लौटने की तैयारी में है।
राजा गोपे नाम का यह युवक तब महज 6-7 साल का था, जब वह अपने पिता के साथ काम की तलाश में पश्चिम बंगाल के एक ईंट भट्टे की ओर जा रहा था। यात्रा के दौरान वह गलती से दूसरी ट्रेन में चढ़ गया और सैकड़ों किलोमीटर दूर केरल पहुंच गया। अनजाने शहर और भाषा के बीच उसने लंबा समय अकेले बिताया।
अब झारखंड पुलिस की एक टीम केरल के कन्नूर जिला स्थित बाल कल्याण समिति के आफ्टर केयर केंद्र से उसे वापस लाने जा रही है। पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के मुताबिक, एक सामाजिक संगठन और स्थानीय कार्यकर्ताओं की पहल से इस मामले की जानकारी सामने आई। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के जरिए राजा के परिवार का सुराग मिला, जो सोनुआ थाना क्षेत्र के एक गांव में रहता है।
करीब दो दशक की उम्र में पहुंच चुका राजा अब फुटबॉल का अच्छा खिलाड़ी बन चुका है। हाल ही में उसकी अपने परिवार से वीडियो कॉल पर बात हुई, जहां उसने मां से मिलने की उत्सुकता जाहिर की। हालांकि उसे यह भी पता चला कि उसके पिता और बड़े भाई अब इस दुनिया में नहीं हैं। परिवार में उसकी मां मानी गोप और बहनें हैं, जो मजदूरी कर गुजर-बसर कर रही हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार और सोनुआ थाना प्रभारी शशि बाला भेंगरा सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राजा को सुरक्षित रूप से उसके गांव पहुंचाया जाएगा।
यह घटना न सिर्फ पुलिस की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सोशल मीडिया कभी-कभी बिछड़े रिश्तों को जोड़ने का मजबूत माध्यम बन सकता है। जल्द ही वर्षों का इंतजार खत्म होगा और एक मां अपने खोए बेटे को गले लगा सकेगी।