'प्लीज मेम पास कर देना, फेल हुई तो घर वाले...', छात्रा का उत्तर पढ़ पेपर चेक कर रहे Examiner का चकराया सिर

Edited By Khushi, Updated: 07 Mar, 2026 02:35 PM

please ma am please pass me if i fail my family will   the examiner check

Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा है। मैट्रिक की कापियों की जांच के लिए छह केंद्र बनाए गए हैं, जबकि इंटर की कापियां अलग-अलग केंद्रों पर जांची जा रही हैं।

Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन चल रहा है। मैट्रिक की कापियों की जांच के लिए छह केंद्र बनाए गए हैं, जबकि इंटर की कापियां अलग-अलग केंद्रों पर जांची जा रही हैं। इस काम में प्रतिदिन 600 से अधिक परीक्षक शामिल हैं और हजारों उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर रहे हैं। मूल्यांकन के दौरान कई रोचक और भावनात्मक उत्तर सामने आ रहे हैं, जिनमें छात्रों की मासूमियत, व्यंग्य और भविष्य की चिंता झलकती है।

कुछ मजेदार और भावुक उदाहरण

केस-1: एक छात्रा ने लिखा, “मैं आगे पढ़ना चाहती हूं, लेकिन अगर नंबर कम आए तो घर वाले मुझे पढ़ने नहीं देंगे। इसलिए सर और मेम प्लीज प्लीज प्लीज मुझे नंबर दे दीजिएगा।”

केस-2: एक छात्र ने ‘बातचीत से क्या होता है?’ के सवाल का जवाब अपने अनुभव और जननायक कर्पूरी ठाकुर के गुण गिनाते हुए दिया।

केस-3: ‘चित्रपट की विलक्षण लोकप्रियता’ का उत्तर एक छात्र ने इतिहास और शहीद भगत सिंह तक का जिक्र करते हुए मजेदार अंदाज में लिखा।

केस-4: ‘लाभ’ पर निबंध में छात्र ने आम के पेड़ और आम की बिक्री का उदाहरण देकर सरल भाषा में लाभ समझाया।

मूल्यांकन का अनुभव

परीक्षक बताते हैं कि ऐसे उत्तर पढ़कर कभी हंसी आती है तो कभी सादगी और व्यंग्य सोचने पर मजबूर करता है। अधिकारी भी मानते हैं कि छात्रों की भावनाओं और हास्य से मूल्यांकन का माहौल हल्का और रोचक बनता है। मूल्यांकन का काम समय सीमा के भीतर पूरा करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन ये मजेदार और भावुक पल शिक्षा के अनुभव को और यादगार बना देते हैं।

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