Edited By Radhika, Updated: 18 Mar, 2026 03:58 PM

बिहार का अगला सीएम कौन होगा? इस सवाल को लेकर कई दिनों से सियासत चल रही है। बुधवार को जमुई में आयोजित 'समृद्धि यात्रा' के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस सस्पेंस से पर्दा हटाने का अब तक का सबसे बड़ा संकेत दे दिया है। मंच पर सार्वजनिक रूप से...
नेशनल डेस्क: बिहार का अगला सीएम कौन होगा? इस सवाल को लेकर कई दिनों से सियासत चल रही है। बुधवार को जमुई में आयोजित 'समृद्धि यात्रा' के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस सस्पेंस से पर्दा हटाने का अब तक का सबसे बड़ा संकेत दे दिया है। मंच पर सार्वजनिक रूप से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर नीतीश ने कहा, "अब यही सब काम करेंगे।"
मंच पर क्यों हुई सियासी हलचल तेज
जमुई के कार्यक्रम में जब नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी एक साथ मौजूद थे, तब नीतीश ने बड़े ही आत्मीय अंदाज में सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाया। नीतीश कुमार का यह बयान महज एक शिष्टाचार नहीं, बल्कि बिहार की कमान सौंपने का संकेत माना जा रहा है। इससे पहले मधेपुरा, सहरसा और भागलपुर में भी नीतीश ने जनता से अपील की थी कि "जैसे मुझे सहयोग किया, वैसे ही इनको (सम्राट चौधरी) भी मदद करिए।"भागलपुर में जहां नीतीश ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें आगे किया, वहीं सम्राट चौधरी हाथ जोड़े हुए जनता का अभिवादन करते दिखे, जो उनकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
नीतीश कुमार का अगला पड़ाव: राज्यसभा
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर एनडीए के कब्जे के साथ ही नीतीश कुमार अब राज्यसभा सांसद बन चुके हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार जल्द ही केंद्र की राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं और बिहार की 'विरासत' सम्राट चौधरी को सौंप सकते हैं।
क्यों अहम है सम्राट चौधरी का नाम?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी और जेडीयू के बीच तालमेल बैठाने में सम्राट चौधरी की भूमिका अहम रही है। नीतीश कुमार का बार-बार उन्हें मंच पर आगे लाना और "अब इन लोगों को सब देखना है" कहना, बिहार में Leadership Change की कहानी लिखे जाने की पुष्टि करता है।