100 करोड़ के निवेश पर मात्र 1 रुपए में मिलेगी 10 एकड़ जमीन, पलायन रोकने के लिए सरकार ने बनाई नई नीति

Edited By Ramanjot, Updated: 22 Feb, 2026 11:36 AM

10 acres of land will be available for just rs 1 on an investment of rs 100 cror

बिहार सरकार ने राज्य से मजदूरों का पलायन रोकने के लिए 'गुजरात मॉडल' पर आधारित नई औद्योगिक नीति लागू की है। इसके तहत ₹100 करोड़ का निवेश करने वाले उद्यमियों को मात्र ₹1 में 10 एकड़ जमीन दी जाएगी।

Bihar News : बिहार से मजदूरों के पलायन को रोकने और राज्य को औद्योगिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए नीतीश सरकार ने कमर कस ली है। गुजरात मॉडल की तर्ज पर राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में बिहार सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। इसके तहत, यदि कोई उद्योगपति राज्य में 100 करोड़ रुपये का निवेश करता है, तो उसे सरकार की ओर से मात्र 1 रुपये के सांकेतिक मूल्य पर 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। 

निवेशकों के लिए विशेष सुविधाएं 

बिहार राज्य उद्यमी और व्यवसाय आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार निराला ने इस नीति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार बड़े निवेशकों को लुभाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि 100 करोड़ के निवेश पर 10 एकड़ जमीन मात्र 1 रुपये में दी जाएगी। निवेशकों को पूर्ण सुरक्षा के साथ-साथ निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बड़े उद्योगों के अलावा, छोटे और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय लोगों को विशेष प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता दी जा रही है। 

बदलता बिहार: 'बीमारू' छवि से विकास की ओर 

अरविंद कुमार निराला ने बिहार के परिदृश्य में आए बदलावों पर जोर देते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार 'बीमारू प्रदेश' की श्रेणी में था, जहां अपहरण और लूटपाट की घटनाएं आम थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन की सराहना करते हुए कहा, "आज बिहार में विकास की बयार बह रही है। अब निवेशक न केवल अन्य प्रदेशों से, बल्कि विदेशों से भी बिहार का रुख कर रहे हैं।" 

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पलायन पर पूर्ण विराम की तैयारी 

सरकार का मुख्य लक्ष्य 'हर घर, हर हाथ को काम' उपलब्ध कराना है। इस रणनीति पर बात करते हुए निराला ने कहा कि यदि लोगों को अपने ही जिले और गांव में रोजगार मिल जाएगा, तो उन्हें मजदूरी के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा या गुवाहाटी जैसे राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी कुछ वर्षों में बिहार से होने वाले मजदूरों के पलायन की समस्या का पूरी तरह समाधान हो जाएगा।

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