Edited By Harman, Updated: 14 Feb, 2026 01:51 PM

Bihar News : बिहार में किशोरों के नाम पर सिम कार्ड लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। दूरसंचार विभाग के हालिया आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में जहां केवल 20,466 किशोरों के नाम सिम कार्ड दर्ज थे, वहीं अब राज्य के सात करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं में से करीब...
Bihar News : बिहार में किशोरों के नाम पर सिम कार्ड लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। दूरसंचार विभाग के हालिया आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में जहां केवल 20,466 किशोरों के नाम सिम कार्ड दर्ज थे, वहीं अब राज्य के सात करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं में से करीब एक करोड़ सिम 9 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के नाम पर हैं।
आंकड़ों के मुताबिक 9 से 17 वर्ष के लगभग 72 प्रतिशत किशोरों के पास स्मार्टफोन उपलब्ध है। इनमें से अधिकांश के पास उनके नाम से ही सिम कनेक्शन जारी हैं। विभाग के ऑनलाइन सर्वे में यह भी सामने आया कि 26 लाख 5 हजार 436 उपभोक्ताओं के पास पांच से अधिक सिम कार्ड हैं। इनमें से बड़ी संख्या में सिम 9 से 17 वर्ष के बच्चों के नाम पर लिए गए हैं।
पढ़ाई के नाम पर सिम, इस्तेमाल गेम खेलने में ज्यादा
अभिभावकों का कहना है कि बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई और शैक्षणिक कार्यों के लिए मोबाइल की मांग करते हैं। हालांकि, व्यवहार में अधिकांश बच्चे मोबाइल का उपयोग गेमिंग और मनोरंजन के लिए अधिक कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एआई आधारित गेमिंग और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते चलन ने भी किशोरों में स्मार्टफोन और सिम की मांग को बढ़ावा दिया है।
कोरोना काल से बढ़ी रफ्तार
कोरोना महामारी के दौरान स्कूल और कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होने से बच्चों को मोबाइल, टैब और लैपटॉप उपलब्ध कराए गए। इसी अवधि में बड़ी संख्या में सिम कार्ड उनके नाम पर जारी किए गए। वर्तमान में 9 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के नाम लगभग एक करोड़ सिम कनेक्शन सक्रिय हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।