Edited By Ramanjot, Updated: 16 Feb, 2026 11:48 AM

मुख्यमंत्री ने 25 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 'महिला रोजगार योजना' के तहत ₹10,000 प्रति लाभार्थी की दर से कुल ₹2,500 करोड़ ट्रांसफर किए। जीविका नेटवर्क के माध्यम से संचालित इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है
Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 'महिला रोजगार योजना' के तहत 25 लाख महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹10,000 प्रति लाभार्थी की दर से कुल ₹2,500 करोड़ की राशि सीधे (DBT के माध्यम से) ट्रांसफर की गई।
सरकार का संकल्प: स्वरोजगार से समृद्धि तक
इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दोहराया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है, बल्कि उन्हें उद्यमिता से जोड़कर परिवार की नींव मजबूत करना भी है।
योजना की मुख्य विशेषताएं और प्रगति
यह योजना मुख्य रूप से जीविका (Jeevika) नेटवर्क के माध्यम से संचालित की जा रही है, जो ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को संगठित करने का काम करता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में अब तक लगभग 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। राज्य के प्रत्येक परिवार की कम से कम एक महिला को इस योजना से जोड़ना ताकि जमीनी स्तर पर महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिले।
अगले चरण की तैयारी: ₹2 लाख तक की सहायता
सरकार ने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि योजना के अगले चरण में पात्र और इच्छुक महिलाओं को अपना व्यवसाय विस्तार करने के लिए ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
सख्त जांच प्रक्रिया: बड़ी राशि के वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने अनिवार्य जांच प्रक्रिया लागू की है। अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर आवेदनों की गहन जांच की जाएगी, ताकि केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को ही इस बड़े फंड का लाभ मिल सके।