मकर संक्रांति पर विप्र एकता का महासमागम: संस्कृत–संस्कार–संस्कृति के संरक्षण का संकल्प, अखिल विप्र कल्याणम् करेगा भव्य आयोजन

Edited By Ramanjot, Updated: 17 Jan, 2026 07:42 PM

akhil vipra kalyanam

सनातन संस्कृति, संस्कृत और विप्र एकता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अखिल विप्र कल्याणम् की ओर से मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एक भव्य “मकर संक्रांति उत्सव” का आयोजन किया जा रहा है।

Bihar News: सनातन संस्कृति, संस्कृत और विप्र एकता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अखिल विप्र कल्याणम् की ओर से मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एक भव्य “मकर संक्रांति उत्सव” का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में बिहार भर से विप्र समाज सहित सभी वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है और इसमें 5 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।

सनातन धर्म के संरक्षण का अभियान

अखिल विप्र कल्याणम् एक धर्मार्थ संगठन है, जिसका उद्देश्य संस्कृत, संस्कृति और सनातन धर्म की रक्षा, संरक्षण एवं संवर्धन करना है। संगठन गुरु–शिष्य परंपरा को पुनर्जीवित करने, वैदिक संस्कारों को सशक्त बनाने और समाज को शास्त्रों के मूल सिद्धांतों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

संगठन का मानना है कि विप्रों की उपेक्षा के कारण समाज सनातन मूल्यों से दूर हुआ है। इसी दिशा में अखिल विप्र कल्याणम् विप्र समाज को सशक्त बनाकर धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के मार्ग को पुनः स्थापित करने का कार्य कर रहा है।

मकर संक्रांति: परिवर्तन और नवचेतना का प्रतीक

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है और इसे नव परिवर्तन एवं नई चेतना का पर्व माना जाता है। इसी भाव को आत्मसात करते हुए यह आयोजन विप्र समाज के लिए भी एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।

कार्यक्रम में मंगलाचरण, यज्ञ, विप्र मंडली, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, सम्मान समारोह, पतंगबाजी और दही-चूड़ा भोज जैसे आयोजन होंगे। इस वर्ष आयोजन का विषय रखा गया है — “संस्कृत, संस्कृति, संस्कार समागम”।

मुख्यमंत्री करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन

इस भव्य आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे। उनके साथ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी,उपमुख्यमंत्री विजय प्रसाद सिन्हा,उद्योग मंत्री दिलीप जयसवाल,जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, मंत्रीगण, विधायक, विधान पार्षद और समाज के कई गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे।

पिछले वर्ष की सफलता, इस बार और भव्य आयोजन

यह आयोजन बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा की परिकल्पना का परिणाम है। पिछले वर्ष यह कार्यक्रम पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार ‘बबलू’ के आवास पर आयोजित हुआ था, जिसे समाज के सभी वर्गों ने खूब सराहा। इस वर्ष कार्यक्रम को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।

मंदिरों को सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र बनाने की पहल

अखिल विप्र कल्याणम् का लक्ष्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन सनातनियों को मंदिरों और मठों से जोड़कर उन्हें सामाजिक-सांस्कृतिक विकास का केंद्र बनाने की दिशा में भी कार्य कर रहा है। संगठन का विश्वास है कि आज के समय में संस्कार, संस्कृति और सनातन मूल्यों की रक्षा अत्यंत आवश्यक है।

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