Edited By Ramanjot, Updated: 20 Jan, 2026 07:06 PM

कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से मंगलवार को बिहार म्यूजियम में मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के अंतर्गत प्रथम पेंशन राशि वितरण समारोह एवं 29वें राष्ट्रीय युवा उत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं के सम्मान का आयोजन किया गया।
पटना: कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से मंगलवार को बिहार म्यूजियम में मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के अंतर्गत प्रथम पेंशन राशि वितरण समारोह एवं 29वें राष्ट्रीय युवा उत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं के सम्मान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पटना जिले के 18 वरिष्ठ कलाकारों को पेंशन की राशि प्रतिकृति चेक के द्वारा भौतिक रूप से प्रदान की गई, जबकि राज्य के सभी जिलों से चयनित कलाकारों को डीबीटी के माध्यम से पेंशन राशि उनके खातों में हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के तहत 50 वर्ष से अधिक आयु और कला के क्षेत्र में न्यूनतम 10 वर्षों का योगदान देने वाले कलाकारों को 3000 रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जा रही है। यह पहल राज्य में पहली बार कलाकारों के लिए समर्पित सामाजिक सुरक्षा योजना के रूप में लागू की गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि यह योजना न केवल कलाकारों को आर्थिक सुरक्षा देगी, बल्कि उनकी कला को आगे बढ़ाने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में भी सहायक होगी। उन्होंने कलाकारों से अपनी कला की परंपरा को जीवित रखने का आह्वान किया और कहा कि कला की निरंतरता को बनाए रखने के लिए जो कला अपने तक सीमित है, उसे आने वाली पीढ़ियों को भी बताया जाए ताकि वो कला जीवित रहे।
कार्यक्रम में बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने इस पहल को कलाकारों के सम्मान और संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कलाकारों की साधना और योगदान को पहचान देना सराहनीय है।
विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने कहा कि आज के पहले ये कलाकार किसी भी पेंशन योजना से आच्छादित नहीं थे। ऐसे में सरकार ने निर्णय लिया कि कला को जीवंत बनाए रखने वाले वरिष्ठ कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन कलाकारों ने 50 की उम्र पार कर ली है और कम से कम 10 साल काम किया हो उनको 3000 रुपये प्रति माह पेंशन के रूप में प्रदान की जा रही है। उन्होंने कलाकारों से आग्रह भी किया कि जिन्हें इस योजना के बारे में जानाकरी नहीं है उन्हें बताया जाए और अधिक से अधिक आवेदन आएं।
प्रथम चरण में चयनित कलाकारों को यह राशि दी गई। कार्यक्रम में पटना, सारण, जहानाबाद, बांका, किशनगंज, खगड़िया, अररिया, भोजपुर और पूर्णिया सहित विभिन्न जिलों के अधिकारी और कलाकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
इस अवसर पर 29वें राष्ट्रीय युवा उत्सव में बिहार का नाम रोशन करने वाले युवाओं, रोहतास के पार्थ कौशिक, पटना की आयूषी आर्या एवं महिमा मौर्या, दीपक कुमार को भी सम्मानित किया गया। इन युवाओं ने चित्रकला, नवाचार, लोक सांस्कृतिक गायन और भाषण जैसी विधाओं में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य की प्रतिभा का परचम लहराया। इस मौके पर मंत्री ने विभाग की डायरी का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में संचालन और उदघोषक की भूमिका खुद रूबी (आईएएस),निदेशक, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय ने बखूबी निभाई।
कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति विभाग के संग्रहालय निदेशालय के निदेशक कृष्ण कुमार, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी, संयुक्त सचिव महमूद आलम, आंतरिक वित्तीय सलाहकार राणा सुजीत कुमार टुनटुन, सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।