Edited By Mamta Yadav, Updated: 08 Dec, 2024 05:37 AM

पटना पुस्तक मेला में लगे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्टॉल में पहले ही दिन काफी चहल-पहल रही। स्टॉल पर पूरे बिहार से आये सौ से अधिक रैयतों ने आवेदन कर अपने गाँव/मौजा का नक्शा प्राप्त किया। इससे विभाग को लगभग 50 हजार रूपयों की आय हुई। कई रैयतों ने...
Patna News: पटना पुस्तक मेला में लगे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्टॉल में पहले ही दिन काफी चहल-पहल रही। स्टॉल पर पूरे बिहार से आये सौ से अधिक रैयतों ने आवेदन कर अपने गाँव/मौजा का नक्शा प्राप्त किया। इससे विभाग को लगभग 50 हजार रूपयों की आय हुई। कई रैयतों ने अपने गाँव के नक्शों की एक से अधिक प्रति के लिये आवेदन किया।

स्टॉल पर आये कई लोगों ने बताया कि अपने गाँव का नक्शा प्राप्त करना हीं उनके मेला घूमने आने का प्रमुख कारण है। विभाग द्वारा राजस्व नक्शों की बिक्री के लिए स्टॉल में 2 काउंटर बनाये गये हैं। सुबह से ही दोनों काउंटर पर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। दोनों काउंटर पर सीएस0, आरएस0, चकबंदी एवं म्युनिसिपल सर्वे नक्शा उपलब्ध है। इनकी संख्या 136000.00 के करीब है। मेला घूमने आनेवाला कोई भी रैयत 150 रूपये प्रति शीट के हिसाब से नकद भुगतान करके अपने गांव का नक्शा हासिल कर सकता है। इसके लिये काउंटर पर मिल रहे फॉर्म में अपना डिटेल्स यानि मौजा/ गाँव का नाम, राजस्व थाना का नाम तथा नंबर, चादर संख्या और जिला का नाम भरना पड़ता है।
पटना के नाथूपुर रोड के रैयत मुद्रिका विश्वकर्मा ने बताया कि शनिवार को पुस्तक मेला गांधी मैदान में घूमने आने पर देखा कि यहां राजस्व विभाग द्वारा भूमि सर्वे का नक्शा मिल रहा है, तो मैने नक्शा के लिए अप्लाई किया। अप्लाई करने के बाद करीब आधा घंटा के अंदर नक्शा प्राप्त हो गया। उन्होंने कहा कि फॉर्म भी अच्छे ढंग से मिल गया और यहां जो कर्मचारी हैं उन्होंने फॉर्म भरने में सहायता की।
इसी तरह अरवल से आने वाले जुगल किशोर शर्मा ने बताया कि मुझे अखबार के द्वारा ज्ञात हुआ यहाँ पुस्तक मेला में राजस्व विभाग की ऑनलाइन सेवायें एवं नक्शा उपलब्ध है तो यहाँ आया हूँ। उन्होंने कहा कि अरवल जिला में हमारे राजस्व गांव के नाम से तीन गांव हैं और तीन ब्लॉक में हैं। इसी कारण से अपेक्षित नक्शा नहीं मिल पा रहा था। यहाँ आने पर मैंने नक्शा आवेदन कर प्राप्त कर लिया। राजस्व विभाग की यह बड़ी अच्छी पहल है मैं इसकी प्रशंसा करता हूं। रैयत पटना पुस्तक मेला में लगे स्टॉल के अलावा वसुधा केन्द्र और निदेशालय की वेबसाइट www.dlrs.gov.in पर जाकर भी राजस्व नक्शों की डोर स्टेप डिलीवरी सेवा का लाभ उठा सकते हैं और नक्शों को घर बैठे मंगा सकते हैं।