प्रशांत किशोर ने लालू और नीतीश सरकार को एक साथ घेरा, बोले- बिहार नब्बे के दशक में भी सबसे गरीब था और...

Edited By Ramanjot, Updated: 05 Jun, 2022 11:09 AM

prashant kishor surrounded lalu and nitish government together

प्रशांत किशोर जनुसराज दौरे के क्रम में शनिवार को सीवान पहुंचे। उन्होंने आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वर्ष 1950-60 के दशक में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता था। बिहार के पिछड़ने का सिलसिला 70 के दशक से शुरू हुआ। आंकड़ों को देखें तो...

सीवानः ‘जनसुराज' की परिकल्पना के साथ लोगों से संवाद स्थापित कर रहे प्रख्यात चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार के विकास के प्रत्येक पैमाने पर पिछड़ने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एवं वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को एक साथ घेरा और कहा कि यह प्रदेश नब्बे के दशक में भी सबसे गरीब था और आज भी सबसे गरीब राज्य बना हुआ है।

प्रशांत किशोर जनुसराज दौरे के क्रम में शनिवार को सीवान पहुंचे। उन्होंने आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वर्ष 1950-60 के दशक में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता था। बिहार के पिछड़ने का सिलसिला 70 के दशक से शुरू हुआ। आंकड़ों को देखें तो 1970 के बाद कोई ऐसा साल नहीं है जब बिहार विकास के किसी न किसी मानक पर अन्य राज्यों से पीछे नहीं रहा हो। बहुत लोगों को लगता है कि बिहार में पूरी व्यवस्था पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की सरकार में चरमरा गई, वह एक पहलू है लेकिन 1990 में जब लालू यादव मुख्यमंत्री बने तब ही बिहार देश का सबसे गरीब राज्य बन गया था।

चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि ज्यादातर लोगों का इस ओर ध्यान नहीं जाता कि 1970 से 1990 के बीच में बिहार में 25 अलग-अलग सरकारें बनी और उस राजनीतिक उथल-पुथल ने बिहार के विकास को पीछे धकेल दिया। इस दौरान प्रदेश में पांच बार राष्ट्रपति शासन भी लागू हुआ। उन्होंने कहा कि यादव कहते हैं कि बिहार में सामाजिक न्याय के एजेंडे से बिहार का विकास होगा। लालू सरकार के शरुआती सालों में सामाजिक न्याय में कुछ प्रगति जरूर हुई लेकिन आगे के सालों में इस संदर्भ में उनकी सरकार की स्थिति खराब हुई।

किशोर ने कहा कि वर्ष 2005 से नीतीश कुमार की सरकार है और उनका दावा रहा है कि उन्होंने सामाजिक न्याय के साथ विकास किया है। यह ठीक है लेकिन विकास की रफ्तार ऐसी नहीं रही है कि बिहार की स्थिति सुधर जाए। बिहार अन्य राज्यों के मुकाबले जहां आज से 30 वर्ष पहले खड़ा था वहीं पर आज भी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 में भी बिहार देश का सबसे गरीब और पिछड़ा राज्य था, वर्ष 2005 में जब नीतीश जी की सरकार बनी तब भी बिहार सबसे गरीब राज्य था और आज वर्ष 2022 में भी सबसे गरीब राज्य और पिछड़ा राज्य ही है। यदि यह स्थिति बदलनी है तो कोई न कोई नया प्रयास होना चाहिए।

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